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दिल्ली पुलिस के साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट ने फर्जी ट्रैफिक चालान और रिवॉर्ड पॉइंट्स के नाम पर 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है. इस मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से मोबाइल, डेबिट कार्ड और पीओएस मशीनें बरामद की हैं. आरोपी ‘विंगो कैश’ ऐप के जरिए चुपचाप लोगों के फोन से फर्जी एसएमएस भेजते थे. देश भर में इस सिंडिकेट से जुड़ी 544 शिकायतें दर्ज हैं.
यह नेक्सेस अब तक 3300 फर्जी एसएमएस भेजकर ₹10 करोड़ की चपत की चपत लगा चुका है. (एआई इमेज)
Delhi Crime News: आपको भी ट्रैफिक चालान भरने को लेकर एसएमएस मिला है तो उस पर दिए लिंक को भूलकर भी क्लिक मत कीजिएगा. कहीं ऐसा ना हो कि आप लिंक क्लिक करें और आपके बैंक एकाउंट से सब साफ हो जाए. जी हां, ऐसी घटना एक दो-नहीं, बल्कि सैकड़ों लोगों के साथ हो चुकी है. दिल्ली पुलिस को इस तरह के मामलों से जुड़ी करीब 544 शिकायतें मिल चुकी हैं. यह गिरोह अब तक करीब 10 करोड़ की चपत लोगों को लगा चुका है. दिल्ली पुलिस ने अब इस गिरोह से जुड़े पांच आरोपियों को अरेस्ट किया है.
दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत एक ऐसे मैसेज से हुई, जिसे देखकर कोई भी धोखा खा सकता था. एक व्यक्ति के मोबाइल पर ट्रैफिक चालान भरने के नाम पर एसएमएस आया. मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही वह साइबर ठगों के जाल में फंस गया. नतीजा यह हुआ कि उसके क्रेडिट कार्ड से 2 लाख 21 हजार रुपये निकल गए. शिकायत के आधार पर 28 नवंबर 2025 को साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की गई. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो ठगी का दायरा एक व्यक्ति से कहीं ज्यादा बड़ा निकला.
पुलिस की जांच में सामने आया कि करीब 3,300 फर्जी एसएमएस भेजे गए थे. इन मैसेज के जरिए लोगों को अलग-अलग तरीकों से निशाना बनाया जा रहा था. कहीं ट्रैफिक चालान भरने का झांसा था, तो कहीं डिलीवरी वेरिफिकेशन और रिवॉर्ड पॉइंट्स के नाम पर लिंक भेजे जा रहे थे. यानी आरोपियों ने लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों और ऑनलाइन भुगतान की आदत को ही अपना हथियार बना लिया था. ट्रैफिक चालान का मैसेज आते ही लोग अक्सर उसे जल्द से जल्द निपटाने की कोशिश करते हैं. साइबर ठग इसी जल्दबाजी का फायदा उठाने की फिराक में थे.
‘विंगो कैश’ ऐप से चल रहा था एसएमएस भेजने का खेल
- जांच में एक और चौंकाने वाला तरीका सामने आया. पुलिस के मुताबिक, ‘विंगो कैश’ नाम के ऐप के जरिए मोबाइल फोन से ऑटोमैटिक एसएमएस भेजे जा रहे थे. जब कोई यूजर इस ऐप पर रिवॉर्ड रिडीम करता था, तो करीब 30 सेकंड के भीतर उसके मोबाइल से 9 से 12 एसएमएस भेजे जाते थे.
- इसके बदले यूजर को 1 से 3 रुपये तक दिए जाते थे. पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि इस सिस्स्ट का इस्तेमाल फर्जी लिंक वाले मैसेज ब्रॉडकास्ट में किया जा रहा था. इस मामले की जांच केवल मोबाइल फोन और SMS तक सीमित नहीं रही.
- वहीं, जब पुलिस ने फाइनेंसियल ट्रेल पता करने की कोशिश की तो कुवैत के एक नेशनल बैंक का नाम सामने आया. इसके अलावा, मुंबई स्थित श्री बालाजी एंटरप्राइजेज के खाते से लेनदेन की बात सामने आई.
- जांच में पता चला श्री बाला ज एंटरप्राइजेज के एकाउंट से महज तीन दिनों के भीतर 41 हजार से अधिक यूजर्स के खातों से ट्रांजेक्शन किया गया है.
पुलिस ने 5 आरोपियों को किया अरेस्ट
पुलिस ने इस मामले में मोती सिंह बघेला, हरशपाल, विक्की, विशाल दास वैष्णव और ब्रजेश कुमार को गिरफ्तार किया है. पुलिस का आरोप है कि आरोपी बैंक खाते खुलवाने, कंपनी के दस्तावेज तैयार कराने और पैसों के लेनदेन में शामिल थे. आरोपियों के कब्जे से 15 मोबाइल फोन, टैबलेट, 59 डेबिट कार्ड, 52 पासबुक, चेकबुक, 14 कंपनी की मुहरें, 5 पीओएस मशीनें, 8 क्यूआर कोड स्कैनर, एक सोने की चेन और एक कार बरामद की है. पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़ी 544 शिकायतों में 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की बात सामने आई है.