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मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर दिसंबर 2018 में हुए एक भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अंकित और उनकी पत्नी संजना के परिवार को अब 1.80 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा. मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने 29 अक्टूबर को यह आदेश दिया है. हादसे के वक्त दंपति अपने दो नाबालिग बच्चों के साथ कार में सफर कर रहे थे. आगे चल रहे ट्रक के अचानक ब्रेक लगाने से कार टकरा गई थी. दोनों की आय के आधार पर यह मुआवजा तय किया गया है.
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हुए एक हादसे के मामले में मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल ने 1.80 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है. (Image AI)
मुंबई. मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर आज से करीब आठ साल पहले एक ट्रक तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा था. इस ट्रक के ठीक पीछे एक कार भी लगभग उसी रफ्तार से दौड़ रही थी. इस कार ने एक दंपति के साथ उनके दो नाबालिग बच्चे सवार थे. इसी बीच, ट्रक के ड्राइवर ने इतनी तेज से ब्रेक लगाए कि पीछे आ रही इस कार को संभलने का मौका भी नहीं मिला. कार पूरी रफ्तार से ट्रक से आ टकराई. इस हादसे में पति-पत्नी की दर्दनाक मृत्यु हो गई और उनके दोनों बच्चे गंभीर रूप से जख्मी हो गए. अब करीब आठ साल बाद मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल ने इस मामले में मृतक दंपति के परिवार को 1.80 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है.
दरअसल, यह मामला 23 दिसंबर 2018 का है. अंकित भूपिंदरसिंह चुग अपनी पत्नी संजना और दो नाबालिग बच्चों के साथ मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर कार से जा रहे थे. इसी दौरान आगे चल रहे एक ट्रक के चालक ने बीच रास्ते में अचानक ब्रेक लगा दिए. पीछे से आ रही अंकित की कार ट्रक से टकरा गई. इस भीषण टक्कर में अंकित और संजना गंभीर रूप से घायल हो गए. दोनों को इलाज के लिए पनवेल के ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, लेकिन कुछ समय बाद उनकी मौत हो गई. गनीमत रही कि इस हादसे में दोनों बच्चो की जान बच गई, लेकिन एक ही हादसे में माता-पिता दोनों को खोने वाले बच्चों के सामने जिंदगी की सबसे बड़ी चुनौती खड़ी हो गई.
ट्रिब्यूनल ने बता दिया-किसकी थी गलती
- दोनों पक्षों की दलीलें खत्म होने के बाद मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल की मेंबर गौरी कावडिकर ने 29 अक्टूबर को अपना आदेश सुना दिया. ट्रिब्यूनल ने कहा कि सड़क पर वाहन चलाते समय आगे चल रहे वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना चालक की जिम्मेदारी है.
- हालांकि, आदेश में यह भी कहा गया कि आगे चल रहा वाहन अचानक ब्रेक लगा दे, तो केवल इसी आधार पर पीछे चल रहे वाहन के चालक को दोषी नहीं ठहराया जा सकता.
- लेकिन इस मामले में ट्रिब्यूनल ने यह भी पाया कि अगर कार चालक अंकित ने आगे चल रहे ट्रक से पर्याप्त सुरक्षित दूरी बनाए रखी होती और कार की रफ्तार नियंत्रण में रखी होती, तो टक्कर से बचा जा सकता था.
- इसी आधार पर ट्रिब्यूनल ने हादसे के लिए अंकित को भी 70 प्रतिशत जिम्मेदार माना. वहीं, ट्रक चालक की लापरवाही और तेज गति से गाड़ी चलाने के कारण उसकी जिम्मेदारी 30 प्रतिशत तय की गई.
- सुनवाई के दौरान, ट्रक चालक की भूमिका को भी नजरअंदाज नहीं किया गया, लेकिन कार चालक की तरफ से बरती गई लापरवाही को भी जिम्मेदार ठहराया गया.
दोनों की कमाई के आधार पर तय हुआ 1.80 करोड़ का मुआवजा
ट्रिब्यूनल ने मृतक दंपति की नौकरी और आय को ध्यान में रखते हुए मुआवजे की रकम तय की है. अंकित चुग डेल इंटरनेशनल सर्विसेज में सीनियर डिलीवरी स्पेशलिस्ट के पद पर कार्यरत थे. उनकी पत्नी एक स्कूल में काम करती थीं. दोनों की मौत से परिवार को हुए आर्थिक नुकसान का आकलन करने के बाद ट्रिब्यूनल ने कुल 1,80,99,232 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया. ट्रिब्यूनल ने संजना की मौत के लिए 92,53,500 रुपये, अंकित चुग की मौत के लिए 88,45,732 रुपये तय किया है. इस तरह कुल मुआवजा 1,80,99,232 रुपये तय किया गया है.