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oi-Divyansh Rastogi
Khamenei Wife Mansoureh Love Story: मध्य पूर्व में जारी ईरान-इजरायल (अमेरिका सपोर्ट) युद्ध ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के परिवार का खात्मा कर दिया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, खामेनेई की बीवी मन्सूरी खोजस्ते बाघेरज़ादेह (Mansoureh Khojasteh Bagherzadeh) की 2 मार्च को अस्पताल में मौत हो गई। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। आपको बता दें कि, खामेनेई की बीवी का जीवन एक रहस्यमयी कहानी की तरह रहा है।
वे ईरान की सबसे ‘अदृश्य’ महिला कहलाती थीं, क्योंकि वे राजनीतिक या सामाजिक कार्यक्रमों से पूरी तरह दूर रहीं। लेकिन एक दुर्लभ इंटरव्यू में उन्होंने खामेनेई के साथ अपने निकाह, परिवार और जीवन के बारे में खुलासा किया था। यह इंटरव्यू पहली बार 1993 में एक ईरानी मैगजीन में अंग्रेजी में प्रकाशित हुआ था और बाद में फारसी में ऑनलाइन वायरल हुआ। आइए जानते हैं इसके कुछ अंश…

Khamenei Wife Mansoureh Marriage Story: कैसे हुआ था निकाह? कोई रोमांटिक मुलाकात नहीं
मंसूरी ने इंटरव्यू में बताया था कि उनका निकाह 1964 में हुआ था। यह कोई लव मैरिज या रोमांटिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि धार्मिक परिवारों की परंपरा के अनुसार अरेंज्ड मैरिज थी। खामेनेई की मां खादिजेह मिरदामादी ने मंसूरी के घर जाकर उनका हाथ मांगा था। उस समय मंसूरी सिर्फ 17 साल की थीं और खामेनेई एक साधारण मौलवी थे, जो रजा शाह पहलवी की संतान मोहम्मद रजा शाह पहलवी के शासन के खिलाफ विरोधी गतिविधियों में सक्रिय हो रहे थे। मंसूरी का जन्म 1947 में मशहद शहर के एक धार्मिक और व्यापारी परिवार में हुआ था। उनके पिता मोहम्मद एस्माईल खोजस्ते बाघेरज़ादेह एक सफल व्यवसायी थे।
Khamenei Real Love Story Jail Twist: जेल से शुरू हुई असली ‘लव स्टोरी’ और इम्तिहान

निकाह के बाद खामेनेई की राजनीतिक गतिविधियों के कारण शाह की पुलिस ने उन्हें कई बार गिरफ्तार किया। जेल के दौर में मंसूरी ने अकेले छह बच्चों (चार बेटे और दो बेटियां) की परवरिश की। वे जेल में खामेनेई से मिलने जाती थीं और दोनों एक-दूसरे के दुख-दर्द बांटते थे। मंसूरी ने कभी घर की मुश्किलों या समस्याओं का जिक्र नहीं किया, बल्कि सिर्फ अच्छी खबरें सुनाकर उनका मनोबल बनाए रखा। उन्होंने बताया था कि, ‘मेरा सबसे बड़ा रोल घर में शांति बनाए रखना था, ताकि वे अपना काम सुकून से कर सकें।’

मंसूरी खुद भी क्रांति में सक्रिय रहीं। वे सरकार विरोधी पर्चे बांटने, संदेश पहुंचाने और दस्तावेज छिपाने में मदद करती थीं, लेकिन इन्हें उन्होंने ‘बताने लायक नहीं’ बताया। जेल के दौर ने उनके निकाह को और मजबूत बनाया, जहां इश्क और समर्थन का रिश्ता गहरा हुआ।
How Was Khamenei At Home: खामेनेई घर में कैसे थे?

मंसूरी ने खामेनेई को एक स्नेही और समझदार शौहर बताया। उन्होंने कहा कि काम से थके-हारे घर लौटने के बावजूद खामेनेई काम की समस्याओं को घर से दूर रखते थे। घरेलू कामों में मदद के बारे में बताया था कि उनके पास समय नहीं है और न ही मैं ऐसी उम्मीद करती हूं।’ खामेनेई उनसे सिर्फ एक खुशहाल, शांत और स्वस्थ परिवार चाहते थे।
हिजाब और जिम्मेदारियां पर क्या कहा?
हिजाब के बारे में मंसूरी का कहना था कि घर के बाहर के लिए चादर सबसे अच्छा आवरण है। घर के अंदर अलग है, लेकिन कपड़े हमेशा इस्लामी मर्यादा के अनुसार होने चाहिए।’ उन्होंने यह भी बताया था कि वे सरकारी कर्मचारी नहीं हैं, लेकिन मुस्लिम महिला के रूप में अन्य बहनों की तरह जिम्मेदारियां निभाती हैं।
Khamenei Mysterious Wife Mansoureh: क्यों रहीं ‘अदृश्य’?
ईरान में ज्यादातर नेताओं की बीवियां सार्वजनिक जीवन से दूर रहती हैं। मंसूरी इस मामले में सबसे ज्यादा गोपनीय रहीं। एक बार वे गंभीर बीमार हुईं और अस्पताल में कई दिन रहीं, लेकिन डॉक्टरों को पता नहीं चला कि वे सुप्रीम लीडर की बीवी हैं, जब तक खामेनेई खुद मिलने नहीं पहुंचे।
यह दुर्लभ इंटरव्यू खामेनेई दंपति की निजी जिंदगी की झलक देता है, जहां राजनीतिक संघर्ष के बीच एक मजबूत पारिवारिक बंधन था। मंसूरी ने 2 मार्च 2026 को अमेरिका-इजरायल हमलों में घायल होने के बाद दम तोड़ा, जबकि खामेनेई की मौत 28 फरवरी को हुई थी। उनकी कहानी ईरान के इतिहास में एक अनोखा अध्याय बनी रहेगी।
(इनपुट-रेडियो फ्री यूरोपीयन)



