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- Kerala CEC Gyanesh Kumar Bribery Allegations | Probe Ordered Over 2 Crore
तिरुवनंतपुरम50 मिनट पहले
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ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के IAS अधिकारी हैं।
केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर रिश्वत मांगने के आरोपों की विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। यह मामला करीब 20 साल पुराने सड़क निर्माण प्रोजेक्ट से जुड़ा है। उस समय ज्ञानेश कुमार राज्य में PWD सचिव थे।
कोल्लम के ठेकेदार साजन ने विजिलेंस विभाग में शिकायत की है। उनका आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KSTP) के तहत काम पूरा होने के बाद उसका भुगतान जारी करने के बदले ₹2 करोड़ की रिश्वत मांगी थी।
साजन का आरोप- रिश्वत के चलते ली ने 2006 में की आत्महत्या की
- साजन के मुताबिक, इंजीनियरों ने करीब ₹17 करोड़ के बिल मंजूर कर दिए थे, लेकिन ज्ञानेश कुमार ने भुगतान के चेक रोक दिए। इससे मलेशियाई कंपनी PATI-BEL, उसके ठेकेदारों और कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी हुई।
- साजन ने शिकायत में बताया कि कंपनी के प्रोजेक्ट इंजीनियर ली सी बीन ने उन्हें बताया था कि ज्ञानेश कुमार रिश्वत मांगे बिना भुगतान के चेक जारी नहीं कर रहे हैं।
- साजन ने पैसे देकर मामला सुलझाने की बात कही, लेकिन कंपनी के अधिकारियों ने रिश्वत देने से मना कर दिया। ली ने ठेकेदारों और कर्मचारियों का बकाया चुकाने के लिए बेंगलुरु में कंपनी के दूसरे प्रोजेक्ट से पैसे लिए थे।
- साजन ने आरोप लगाया कि भुगतान न मिलने और रिश्वत मांगने के कारण ली ने 2006 में आत्महत्या कर ली थी। उनके मुताबिक, ली ने सुसाइड नोट में ज्ञानेश कुमार का नाम लिखा था। ली के मलेशिया में रहने वाले परिवार ने भी कंपनी के कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी थी।
- साजन ने कहा कि पहले हुई विजिलेंस जांच में उनसे और मामले की जानकारी रखने वाले दूसरे लोगों से पूछताछ नहीं की गई थी। उन्होंने कहा कि वे ली के परिवार, कंपनी के पूर्व कर्मचारियों और अन्य गवाहों को जांच के लिए पेश कर सकते हैं।
ली की मौत के बाद 2006 में भी विजिलेंस जांच हुई थी
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने शुरुआती जांच के बाद केस दर्ज करने के लिए गृह विभाग से अनुमति मांगी थी। सूत्रों के मुताबिक, कानूनी राय लेने के बाद गृह मंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं। विजिलेंस टीम पहले से ही KSTP प्रोजेक्ट से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है। अब इस नई शिकायत की भी जांच की जाएगी।
ली की मौत के बाद 2006 में भी विजिलेंस जांच हुई थी। हालांकि, आरोप साबित नहीं होने पर जांच बंद कर दी गई थी। नई जांच में यह भी देखा जाएगा कि पिछली जांच में आरोपों से जुड़े जरूरी पहलुओं की जांच हुई थी या नहीं।
ज्ञानेश कुमार पर लगे रिश्वत मांगने के आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं। विजिलेंस इन आरोपों की जांच करेगी। ज्ञानेश कुमार ने अब तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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राहुल बोले- मेरी बात सच होगी, ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे:CEC के खिलाफ विपक्षी पार्टियों की रैली, 5 नेताओं की 5 बड़ी बातें

अलग-अलग पार्टियां, मकसद एक- ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग। विपक्ष के तमाम बड़े नेताओं ने दो दिन से दिल्ली में डेरा डाल रखा है। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के घर विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जनमहाभियोग पास किया तो रविवार को सोनिया समेत राहुल, प्रियंका, अखिलेश, ममता और तेजस्वी बाकी नेताओं के साथ रामलीला मैदान पहुंचे। पूरी खबर पढ़ें…
