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राइस स्टॉक
– फोटो : amarujala.com
विस्तार
केंद्र सरकार ने त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देश में चावल और धान के भंडार पर अपनी निगरानी कड़ी कर दी है। इसका उद्देश्य घरेलू बाजार में आपूर्ति को सुचारु बनाए रखना है। सरकार ने व्यापारियों, प्रसंस्करणकर्ताओं और मिल मालिकों को अपने पास मौजूद भंडार की घोषणा करने का निर्देश दिया है।
इस कदम से बाजार में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही, पांच दक्षिणी राज्यों को धान और चावल पर स्टॉक सीमा लगाने की अनुमति भी दी गई है। यह निर्णय इन राज्यों में आपूर्ति प्रबंधन को मजबूत करेगा। केंद्र ने घरेलू आपूर्ति को बढ़ावा देने के लिए नाफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार को अधिक चावल आवंटित किया है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) भी एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। एफसीआई थोक उपयोगकर्ताओं को 50 लाख टन चावल ई-नीलामी के माध्यम से बेचेगा। यह पहले घोषित मात्रा का दोगुना है। इस बिक्री से बाजार में चावल की उपलब्धता बढ़ेगी।
क्यों बढ़ाई गई भंडार पर निगरानी?
सरकार ने यह कदम बाजार में चावल और धान की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया है। कुछ समय से बाजार में कीमतों को लेकर चिंताएं थीं। भंडार की घोषणा से सरकार को वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी। इससे जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी अंकुश लग सकेगा।
कैसे बढ़ेगी घरेलू आपूर्ति?
एफसीआई की ओर से 50 लाख टन चावल की ई-नीलामी एक बड़ा कदम है। यह मात्रा पिछली बिक्री की तुलना में दोगुनी है। नाफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार को अतिरिक्त आवंटन भी आपूर्ति बढ़ाने में सहायक होगा। पांच दक्षिणी राज्यों में स्टॉक सीमा से स्थानीय स्तर पर आपूर्ति का बेहतर प्रबंधन होगा। इन उपायों से उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।