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IRGC vs US Army: ईरान के पलटवार से बर्बाद हुआ अमेरिका, टेंशन में ट्रंप, 560 अमेरिकी सैनिक ढेर, कई एयरबेस तबाह!


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oi-Sumit Jha

IRGC vs US Army: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ता तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। ईरान की IRGC द्वारा किए गए सनसनीखेज दावों ने वैश्विक भू-राजनीति में हलचल मचा दी है। ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अब तक का सबसे बड़ा हमला कर वाशिंगटन के ‘अजेय’ होने के भ्रम को तोड़ दिया है।

दावों के अनुसार, मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी एयरबेस और नौसैनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। यदि ये दावे सच साबित होते हैं, तो यह क्षेत्र में अमेरिकी दबदबे के अंत की शुरुआत हो सकती है। हालांकि, पेंटागन और अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने अभी तक इन ‘मलबे के ढेर’ वाले दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिलहाल, यह स्थिति एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आहट दे रही है।

IRGC vs US Army

US-Iran conflict news Hindi: अमेरिकी सैन्य शक्ति को सीधी चोट

IRGC का सबसे चौंकाने वाला दावा 560 अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने का है। इसके साथ ही, समुद्र में अमेरिका की शान माने जाने वाले विमानवाहक पोत ‘अब्राहम लिंकन’ पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की खबर ने हड़कंप मचा दिया है। अगर ये दावे पुख्ता होते हैं, तो यह आधुनिक इतिहास में अमेरिकी नौसेना को लगा अब तक का सबसे बड़ा और घातक झटका साबित होगा।

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IRGC attack on US Base: रणनीतिक एयरबेसों की तबाही

ईरान ने दावा किया है कि उसने कुवैत में स्थित अमेरिकी नौसैनिक एयरबेस को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया है, जिसके बाद उसे बंद करना पड़ा। इसके अलावा, बहरीन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर भी ड्रोन और मिसाइलों की बारिश कर भारी नुकसान पहुँचाया गया है। इन हमलों ने मध्य पूर्व में अमेरिका के पूरे लॉजिस्टिक और डिफेंस नेटवर्क को पंगु बनाने की कोशिश की है।

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तेल टैंकर और आर्थिक मोर्चे पर प्रहार

फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ब्रिटेन के तेल टैंकरों पर मिसाइल हमलों ने वाशिंगटन को आर्थिक मोर्चे पर भी बैकफुट पर धकेल दिया है। समुद्र में जलते हुए ये टैंकर इस बात का संकेत हैं कि ईरान अब अमेरिका की ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा को तहस-नहस करने पर आमादा है, जिससे वैश्विक बाजार में अमेरिका की साख को गहरा धक्का लगा है।

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Iran conflict news Hindi: जवाबी कार्रवाई और ट्रंप की चेतावनी

इस भारी नुकसान के बीच अमेरिका में राजनीतिक हलचल तेज है। डोनाल्ड ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा है कि ईरान को इन मौतों और तबाही का हिसाब देना होगा। अमेरिका ने फिलहाल सीमित नुकसान की बात कही है, लेकिन हिजबुल्लाह के मैदान में उतरने और ईरान के आक्रामक रुख ने अमेरिका के सामने एक ऐसी चुनौती पेश कर दी है, जिससे निकलना फिलहाल नामुमकिन लग रहा है।



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