त्योहारों के दौरान मिलावट पर रोक लगाने के लिए देशभर में चलाए गए अभियान के दौरान 3,280 टन खाने का सामान जब्त किया गया है। जिसकी कीमत 82 करोड़ रुपए हैं। यह कार्रवाई फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉर्रिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने की है। FSSAI ने शनिवार को बताया कि 1 सितंबर से 5 नवंबर के बीच देशभर में 56,431 दुकानों की जांच की गई। इस दौरान पनीर, घी, दूध और मिठाइयों समेत 11 प्रोडक्ट मानकों पर खरे नहीं उतरे। FSSAI क्या है, कब बनी और इसके पास कितनी ताकत है? FSSAI का पूरा नाम फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉर्रिटी ऑफ इंडिया है। यह भारत की सबसे बड़ी फूड रेगुलेटरी बॉडी है। इसका मुख्य काम देश में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की सुरक्षा और गुणवत्ता के मानक तय करना और उनका पालन सुनिश्चित करना है। यह केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन काम करती है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 को 23 अगस्त 2006 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली। FSSAI की स्थापना 2008 में हुई। इससे पहले खाद्य पदार्थों से जुड़े नियम अलग-अलग कानूनों और विभागों के तहत लागू होते थे। 2006 के कानून ने उन्हें एक व्यवस्था में लाने का काम किया। क्या FSSAI किसी दुकान को सील कर सकती है? हां, लेकिन यह कार्रवाई कानून में निर्धारित प्रक्रिया और अधिकार प्राप्त अधिकारियों के माध्यम से होती है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी जांच कर सकते हैं, नमूने ले सकते हैं और संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त कर सकते हैं। लाइसेंसिंग और जिला स्तर के अधिकारी लाइसेंस निलंबित या रद्द करने जैसी कार्रवाई कर सकते हैं। नियमों के उल्लंघन पर प्रतिष्ठान सील करने की कार्रवाई भी संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा की जा सकती है। क्या FSSAI खुद जेल भेज सकती है? नहीं। FSSAI या उसके अधिकारी सीधे किसी को जेल नहीं भेजते। वे जांच, सैंपलिंग और अभियोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हैं। अपराध के नेचर के अनुसार मामला अदालत में जाता है। अदालत ही कानून के तहत सजा सुनाती है। ——————————-
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देशभर में 3,280 टन मिलावटी खाने का सामान जब्त: कीमत ₹82 करोड़; FSSAI का 66 दिन चला अभियान, 314 दुकानें सील की गईं
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