ईरान के साथ चल रही जंग के बीच शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। बुधवार, 4 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत दबाव के साथ हुई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण निवेशकों में घबराहट दिखी। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 1,758 अंक (2.19%) गिरकर 78,480 के स्तर पर आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 531 अंक (2.13%) टूटकर 24,334 के आसपास कारोबार करता दिखा।
सेंसेक्स के शेयरों में एलएंडटी, टाटा स्टील, इंटरग्लोब एविएशन, अल्ट्राटेक सीमेंट, अडानी पोर्ट्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। वहीं इंफोसिस, एचसीएल टेक और टीसीएस बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। तेल कीमतों में तेजी आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 0.87% चढ़कर 82.11 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
एशियाई बाजारों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 10% से ज्यादा टूट गया, जबकि जापान, चीन और हांगकांग के बाजारों में भी बड़ी गिरावट रही। अमेरिकी बाजार भी मंगलवार को नुकसान के साथ बंद हुए थे। पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ गए हैं। ईरान ने इस्राइल और अमेरिका के हमलों के जवाब में खाड़ी देशों पर हमले तेज कर दिए हैं। इसके बाद ईरान ने भी हमले तेज किए हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि युद्ध बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। भारत अपनी जरूरत का करीब 85% तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने और आर्थिक विकास पर असर पड़ने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि व्यापार घाटा बढ़ना, रुपये पर दबाव और महंगाई बढ़ना बाजार के लिए बड़ी चिंता का विषय बन सकता है। सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने करीब 3,295 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने लगभग 8,593 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। गौरतलब है कि मंगलवार को होली के कारण शेयर बाजार बंद था। सोमवार को सेंसेक्स 1,048 अंक गिरकर बंद हुआ था और निफ्टी भी 312 अंक टूटकर बंद हुआ था।



