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oi-Divyansh Rastogi
US Iran Tension: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपना रुख और सख्त कर लिया है। उन्होंने साफ कहा है कि तेहरान के साथ किसी भी तरह का समझौता तभी संभव है, जब वह ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ कर दे। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद संघर्ष एक बड़े युद्ध की शक्ल ले चुका है।
ट्रंप की यह टिप्पणी ट्रुथ सोशल पर पोस्ट की गई, जहां उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए उसके भविष्य को ‘उज्ज्वल’ बनाने का वादा भी किया।

मुख्य हाइलाइट्स:
- ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा: ‘ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होगा, सिवाय उसके बिना शर्त आत्मसमर्पण के। उसके बाद, एक महान नेता के चयन के साथ हम और हमारे सहयोगी ईरान को विनाश से बचाएंगे और उसकी अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करेंगे। ईरान को फिर से महान बनाओ!’
- यह बयान ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ (MAGA) नारे की तर्ज पर है, जो ट्रंप की सिग्नेचर स्टाइल को दर्शाता है।
- पिछले हफ्ते अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर समन्वित हमले शुरू किए, जिसके जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन अटैक किए। इससे खाड़ी देशों में तनाव बढ़ गया है।
- एक्सियोस को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वे ईरान के अगले नेता के चयन में वेनेजुएला जैसी भूमिका निभाना चाहते हैं। उन्होंने दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को ‘कमजोर’ बताते हुए उनकी लीडरशिप को अस्वीकार्य करार दिया।
- ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने X पर कहा कि कुछ देश मध्यस्थता के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ईरान अपनी संप्रभुता और गरिमा की रक्षा करेगा। कतर, तुर्की, मिस्र और ओमान जैसे देशों ने मध्यस्थता की पेशकश की है।
- इजरायली डिफेंस फोर्सेस ने ईरान के खिलाफ अभियान के ‘नए चरण’ की घोषणा की, जबकि ट्रंप के डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ईरान में ‘अभी शुरुआत ही कर रहा है’ और हमलों में ‘बड़ी वृद्धि’ होगी।
ट्रंप का युद्ध रिकॉर्ड: कितने देशों में दिए हमले के आदेश?
ट्रंप ने खुद को ‘शांति का राष्ट्रपति’ बताने का दावा किया था, लेकिन उनके दूसरे कार्यकाल में सैन्य कार्रवाइयां बढ़ी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने अब तक 8 अलग-अलग देशों (ईरान, सोमालिया, यमन, वेनेजुएला, नाइजीरिया, इराक, सीरिया और अन्य) में हमलों का आदेश दिया है। इनमें ईरान पर हालिया हमले सबसे विवादास्पद हैं, जिन पर अंतरराष्ट्रीय कानून उल्लंघन के आरोप लगे हैं। 2025 में ही अमेरिका ने 626 से ज्यादा एयर स्ट्राइक्स किए, जो पिछले प्रशासनों से ज्यादा हैं।
संकट की जड़ और आगे क्या?
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत विफल होने के बाद हमले शुरू हुए। जून 2025 में ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर पहला अटैक हुआ, और अब 2026 में बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चल रहा है।
- प्रभाव: वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है, तेल की कीमतें बढ़ीं, और अमेरिकी सैनिकों की जानें गईं। मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ी, जिसमें खाड़ी देश खतरे में हैं।
- कूटनीतिक प्रयास: ईरान मध्यस्थता के लिए तैयार दिखता है, लेकिन ट्रंप का अल्टीमेटम बातचीत की राह मुश्किल बना रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित है, और संयुक्त राष्ट्र में चर्चा हो सकती है।
- ट्रंप की रणनीति: वे सैन्य दबाव से ईरान को झुकाना चाहते हैं, लेकिन आलोचक इसे ‘खतरनाक जुआ’ बता रहे हैं, जो बड़े युद्ध को न्योता दे सकता है।
यह संकट मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए बड़ा खतरा है। अपडेट्स के लिए विश्वसनीय स्रोतों पर नजर रखें।



