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oi-Smita Mugdha
Esmail Qaani Death News: ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई और उनके सहयोगियों के मारे जाने के बाद से अटकलों का दौर जारी है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान के ही कुछ लोगों ने मोसाद के साथ मिलकर साजिश रची थी। अब यूएई की एक अखबार में दावा किया गया है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की स्पेशल यूनिट कुद्स फोर्स के प्रमुख इस्माइल कानी को जासूसी के आरोप में मार दिया है। अभी तक ईरान की सरकार या आधिकारिक एजेंसियों की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस्माइल कानी पर इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए काम करने का शक था। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को धोखा दिया। खामनेई की लोकेशन लीक करने से लेकर कई और संवेदनशील जानकारी मोसाद को देने का दावा किया गया है। इसी वजह से उन्हें गिरफ्तार किया गया और बाद में मौत की सजा दी गई है।

Esmail Qaani को दी गई मौत की सजा
– बताया जा रहा है कि हाल ही में ईरान में हुए एक बड़े हमले के बाद कानी पर शक गहराया था। रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम लीडर के परिसर पर हुए हमले से कुछ मिनट पहले ही कानी वहां से निकल गए थे।
– इस हमले में कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए थे और खामेनेई का शव मलबे के नीचे से बरामद होने का दावा किया गया था। इसी घटना के बाद उन पर संदेह और बढ़ गया।
– हालांकि, इन सभी दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। UAE के अखबार The National ने भी बिना आधिकारिक स्रोतों के हवाले से यह खबर प्रकाशित की हैख दावा किया गया है कि कानी को मोसाद से जुड़े होने के शक में मार दिया गया है।
Esmail Qaani पहले भी हो चुके हैं गुमशुदा
इससे पहले भी कई बार इस्माइल कानी के मारे जाने या गायब होने की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर 2024 में बेरुत में इजरायल के हमले के दौरान भी यह अफवाह फैली थी कि वह हिजबुल्लाह के संभावित उत्तराधिकारी हाशिम सफीद्दीन के साथ मारे गए हैं। हालांकि कुछ दिनों बाद वह सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए थे।
Iran Isreale Conflict: ईरान और इजरायल के बीच जंग जारी
इस्माइल कानी ने जनवरी 2020 में कुद्स फोर्स की कमान संभाली थी, जब अमेरिका ने उनके पूर्व प्रमुख कासिम सुलेमानी को बगदाद एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमले में मार गिराया था। कुद्स फोर्स ईरान की वह विशेष इकाई है जो विदेशों में ईरान समर्थित संगठनों और प्रॉक्सी नेटवर्क को समर्थन देने के लिए जानी जाती है। फिलहाल इस खबर को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है, लेकिन ईरान की आधिकारिक पुष्टि आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
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