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Iran New Supreme Leader: ट्रंप के ‘रिजीम चेंज’ प्लान का अंत! खामेनेई के बेटे की ताजपोशी, अब क्या होगा?


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oi-Sumit Jha

Mojtaba Khamenei Iran New Supreme Leader: ईरान के इतिहास में एक बड़े युगांतरकारी बदलाव के साथ मोजतबा खामेनेई का सर्वोच्च नेता के रूप में उदय हुआ है। यह घटनाक्रम न केवल ईरान की आंतरिक राजनीति, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘मैक्सिमम प्रेशर’ और ‘रिजीम चेंज’ (सत्ता परिवर्तन) की रणनीति के लिए एक करारा प्रहार है।

ट्रंप प्रशासन को उम्मीद थी कि आयतुल्लाह अली खामेनेई के बाद नेतृत्व के संकट से ईरान में गृहयुद्ध या विद्रोह जैसे हालात पैदा होंगे, लेकिन ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ के त्वरित फैसले और IRGC के पूर्ण समर्थन ने इन अटकलों को ध्वस्त कर दिया है। मोजतबा की नियुक्ति ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान पश्चिम के हस्तक्षेप को दरकिनार कर अपनी कट्टरपंथी और सैन्य-सशक्त नीतियों पर अडिग रहेगा।

Iran New Supreme Leader

Iran Regime Change: ट्रंप के ‘रिजीम चेंज’ प्लान को लगा झटका

डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति हमेशा से ईरान के मौजूदा शासन को अस्थिर कर वहां पश्चिमी देशों के अनुकूल नेतृत्व लाने की रही है। मोजतबा खामेनेई का सर्वोच्च पद पर बैठना इस योजना की सबसे बड़ी विफलता मानी जा रही है। ट्रंप को उम्मीद थी कि उत्तराधिकार के संघर्ष से पैदा हुई अव्यवस्था का लाभ उठाकर अमेरिका ईरान की सत्ता संरचना को बदल सकेगा, लेकिन मोजतबा ने सत्ता की बागडोर थामकर वाशिंगटन के मंसूबों पर पानी फेर दिया है।

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‘पावर ब्रोकर’ से ‘सुप्रीम लीडर’ तक का सफर

56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई को लंबे समय से पर्दे के पीछे का ‘गेटकीपर’ और ‘पावर ब्रोकर’ माना जाता रहा है। वे केवल एक धार्मिक नेता नहीं, बल्कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के साथ बेहद करीबी तालमेल रखने वाले रणनीतिकार हैं। ट्रंप के लिए चुनौती यह है कि वे अब एक ऐसे नेता के सामने हैं, जिसने युद्ध के मैदान (ईरान-इराक जंग) और खुफिया तंत्र दोनों में महारत हासिल की है, जिससे उनसे निपटना पहले से अधिक कठिन होगा।

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Donald Trump Iran Policy: सेना और IRGC की अभेद्य दीवार

मोजतबा की नियुक्ति के तुरंत बाद सेना और IRGC द्वारा ली गई वफादारी की शपथ ने ट्रंप के उस नैरेटिव को तोड़ दिया है जिसमें वे ईरान में ‘आंतरिक विद्रोह’ की संभावना देख रहे थे। सुरक्षा बलों की यह एकजुटता दर्शाती है कि शासन के भीतर कोई दरार नहीं है। ट्रंप के ‘मैक्सिमम प्रेशर’ के जवाब में ईरान ने अब एक ‘मैक्सिमम रेजिस्टेंस’ वाला नेतृत्व चुन लिया है, जो सैन्य और कूटनीतिक रूप से अधिक आक्रामक रुख अपना सकता है।

वंशवाद बनाम ईरानी संप्रभुता का संदेश

हालांकि ट्रंप ने मोजतबा के चयन को ‘लोकतंत्र की हत्या’ और ‘वंशवाद’ करार देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घेरने की कोशिश की है, लेकिन ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता का प्रतीक बताया है। ट्रंप का विरोध ही मोजतबा के लिए ढाल बन गया है, क्योंकि ईरान में पश्चिमी विरोध को अक्सर राष्ट्रीय गौरव के रूप में देखा जाता है। यह स्थिति भविष्य में परमाणु समझौते (JCPOA) और मध्य पूर्व के संघर्षों में अमेरिका के लिए बातचीत के रास्ते और भी बंद कर सकती है।



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