Bihar
oi-Kumari Sunidhi Raj
Nitish Kumar: बिहार की सियासत में एक युग के अंत और नई पारी की शुरुआत की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) जल्द ही राज्य की कमान छोड़कर दिल्ली की राजनीति में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। नीतीश कुमार राज्यसभा के जरिए देश की संसद में पहुंच सकते हैं।
हालांकि, दिल्ली जाने के बावजूद उनका दिल पटना में ही धड़केगा, इसीलिए उन्होंने अपने नए ठिकाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। वे मुख्यमंत्री आवास ‘1 अणे मार्ग’ को छोड़कर ‘7 सर्कुलर रोड’ वाले बंगले में शिफ्ट हो सकते हैं।

यह बदलाव इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यहां रहने पर वे अपने धुर विरोधी और पुराने मित्र लालू प्रसाद यादव के पड़ोसी बन जाएंगे। 19 सालों तक सत्ता का केंद्र रहा 1 अणे मार्ग अब एक नई राजनीतिक पटकथा का गवाह बनने जा रहा है।
Nitish Kumar Home: 7 सर्कुलर रोड, नीतीश कुमार का पुराना और ‘लकी’ ठिकाना
7 सर्कुलर रोड का बंगला नीतीश कुमार के लिए केवल एक आवास नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक वापसी का प्रतीक रहा है। 2014 के लोकसभा चुनाव में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए जब उन्होंने पद छोड़ा था, तब वे इसी बंगले में शिफ्ट हुए थे। इसी घर की चारदीवारी के भीतर उन्होंने अपनी नई रणनीति बुनी और फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे।
दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी यह बंगला उनके पास ही रहा। जब विपक्ष ने एक साथ दो बंगले रखने पर सवाल उठाए, तो तकनीकी रूप से इसे मुख्य सचिव के नाम पर अलॉट कर दिया गया, लेकिन इसका इस्तेमाल नीतीश कुमार के कार्यालय और महत्वपूर्ण बैठकों के लिए होता रहा।
लालू यादव के आवास से महज 200 मीटर की दूरी (Lalu Yadav Nitish Kumar Home Distance)
यदि नीतीश कुमार यहां शिफ्ट होते हैं, तो बिहार की राजनीति के दो सबसे बड़े धुरंधर-लालू यादव और नीतीश कुमार पड़ोसी होंगे। राबड़ी देवी का आवास (10 सर्कुलर रोड) यहां से महज दो मकान छोड़कर है। दोनों के बीच की दूरी लगभग 200 मीटर होगी। ऐसे में पटना का यह इलाका सत्ता के गलियारों से हटकर भी बिहार की राजनीति का सबसे पावरफुल एड्रेस बन जाएगा।
सुरक्षा और सुविधाओं से लैस है यह बंगला (7 Circular Road Specialty)
7 सर्कुलर रोड का बंगला बेहद आधुनिक और सुरक्षित है। खुद नीतीश कुमार की देखरेख में निर्मित इस बंगले की खासियतें कुछ इस प्रकार हैं:
भूकंपरोधी निर्माण: यह बंगला विशेष तकनीक से बनाया गया है ताकि तेज भूकंप के झटकों को झेल सके।
VIP सुविधाएं: इसमें 6 वीआईपी बेडरूम, दो बड़े ड्रॉइंग रूम और एक विशाल मीटिंग हॉल है।
कोलकाता की घास और तालाब: इसके लॉन में विशेष रूप से कोलकाता से मंगाई गई घास लगाई गई है। परिसर में एक छोटा तालाब भी है, जिसे छठ पूजा के अर्घ्य के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
हाई-टेक सिक्योरिटी: पूरा इलाका सीसीटीवी कैमरों और विशेष सुरक्षा बलों की निगरानी में रहता है।
नीतीश कुमार और अंक ‘7’ का खास कनेक्शन (Nitish Kumar Lucky Number 7)
नीतीश कुमार के जीवन में नंबर 7 का बड़ा महत्व है। इसे वे अपना ‘लकी नंबर’ मानते हैं:
- उनका राजनीतिक सफर 1977 में शुरू हुआ।
- 1987 में वे युवा लोकदल के अध्यक्ष बने।
- रेल मंत्री रहते हुए उनके फोन नंबर के अंत में 7 था और सीएम की गाड़ी का नंबर 777 रहा।
- उनकी सबसे महत्वाकांक्षी योजना का नाम ‘7 निश्चय’ है, जिसका अब तीसरा चरण चल रहा है।
कानूनी पेचीदगियां और समाधान
बिहार में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी बंगला देने का नियम हाईकोर्ट द्वारा रद्द किए जाने के बाद, नीतीश कुमार को यह आवास सीधे तौर पर नहीं मिल सकता। हालांकि, जानकारों का मानना है कि यदि वे राज्यसभा सदस्य बनते हैं, तो राज्य सरकार उन्हें किराये पर यह आवास आवंटित कर सकती है या इसे किसी अन्य कोटे के तहत उन्हें उपलब्ध कराया जा सकता है।
19 साल तक बिहार की सत्ता का सिरमौर रहने वाला ‘1 अणे मार्ग’ अब खाली होने की कगार पर है, और सबकी नजरें ‘7 सर्कुलर रोड’ पर टिकी हैं, जहां से नीतीश कुमार अपनी राजनीति की नई पारी की बिसात बिछाएंगे।
With AI Inputs
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