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oi-Sohit Kumar
LPG shortage: देश के प्रमुख महानगरों-बेंगलुरु, मुंबई और चेन्नई-में कमर्शियल कुकिंग गैस (LPG) की भारी किल्लत ने होटल और रेस्टोरेंट उद्योग की कमर तोड़ दी है। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की वजह से समुद्री रास्तों से होने वाली सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसके कारण भारतीय बाजारों में कमर्शियल सिलेंडरों की कमी हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने तेल रिफाइनरियों को गैस उत्पादन बढ़ाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर सीधे आम आदमी और व्यापारियों की जेब पर पड़ा है। पिछले शनिवार को ही कमर्शियल LPG सिलेंडरों के दाम में 115 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई, जबकि घरेलू सिलेंडर भी 60 रुपये महंगे हुए हैं।

बेंगलुरु होटल एसोसिएशन का कहना है कि गैस की सप्लाई अचानक रुकने से शहर के हजारों होटलों का संचालन 10 मार्च से बंद हो सकता है। एसोसिएशन ने इसे एक ‘बड़ा झटका’ करार दिया है क्योंकि तेल कंपनियों ने पहले 70 दिनों तक निर्बाध सप्लाई का भरोसा दिया था।
मुंबई में होटलों की क्या है स्थिति?
मुंबई की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। यहां की ‘फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (FHRAI) के अनुसार, लगभग 20 प्रतिशत होटलों ने गैस की कमी के कारण अपना काम रोक दिया है। दादर और माटुंगा जैसे इलाकों के मशहूर होटलों ने अपने मेन्यू से उन चीजों को हटा दिया है जिन्हें बनाने में ज्यादा गैस खर्च होती है, जैसे दाल मखनी और रवा डोसा। कई जगहों पर होटलों के खुलने का समय भी कम कर दिया गया है ताकि गैस के स्टॉक को बचाया जा सके।
चेन्नई में होटल मालिकों ने प्रधानमंत्री से लगाई गुहार
चेन्नई में भी होटल मालिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि होटलों का बंद होना न केवल व्यापार के लिए बुरा है, बल्कि उन अस्पतालों, हॉस्टलों और आईटी पार्कों के लिए भी संकट पैदा कर देगा जो रोजाना के खाने के लिए इन पर निर्भर हैं।
गैस की कमी दूर करने के लिए क्या है सरकार का प्लान?
दूसरी ओर, पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस संकट को सुलझाने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। सरकार ने तीन बड़ी सरकारी तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों (EDs) की एक ‘विशेष समिति’ बनाई है जो होटलों और रेस्टोरेंट्स की समस्याओं का तुरंत समाधान करेगी। इसके साथ ही, गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए नया नियम लागू किया गया है, जिसके तहत एक बार बुकिंग करने के बाद अगली बुकिंग के लिए 25 दिन का इंतजार करना होगा।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने क्या कहा?
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा है कि देश में ऊर्जा का पर्याप्त भंडार है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने साफ किया कि भारत दूसरे सुरक्षित समुद्री मार्गों से गैस का आयात कर रहा है और जल्द ही सप्लाई सामान्य हो जाएगी।
कमर्शियल के मुकाबले घरेलू LPG को प्राथमिकता क्यों दी जा रही है?
पेट्रोलियम मंत्रालय के इमरजेंसी ऑर्डर के अनुसार, देश के 33 करोड़ घरेलू कनेक्शनों पर संकट का असर न पड़े, इसलिए घरेलू रसोई को होटलों से ऊपर रखा गया है। आम नागरिकों का खाना बनाना सरकार की पहली प्राथमिकता है।
भारत कितनी LPG खुद बनाता है और कितनी बाहर से मंगाता है?
भारत अपनी जरूरत की अधिकांश गैस आयात करता है। साल 2024-25 में देश में 31.3 मिलियन टन गैस की खपत हुई, जिसमें से केवल 12.8 मिलियन टन का उत्पादन भारत में हुआ। बाकी की भारी मात्रा विदेशों से मंगाई जाती है, जिसका 85-90% हिस्सा उसी समुद्री रास्ते (हॉर्मुज) से आता है जहां अभी युद्ध का तनाव है।
हाल ही में गैस सिलेंडरों की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
पिछले कुछ दिनों में कीमतों में दो बार उछाल आया है। घरेलू इस्तेमाल वाला 14.2 किलो का सिलेंडर 60 रुपये महंगा होकर दिल्ली में 950.50 रुपये का हो गया है, वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये का इजाफा हुआ है।
अब कमर्शियल LPG की सप्लाई की निगरानी कौन कर रहा है?
सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) के तीन कार्यकारी निदेशकों (Executive Directors) की एक विशेष समिति बनाई गई है। यह टीम सीधे तौर पर होटल, रेस्टोरेंट और अन्य उद्योगों को होने वाली गैस सप्लाई की समीक्षा और निगरानी कर रही है।



