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Mojtaba Khamenei को NOPO की स्पेशल सिक्योरिटी? Iran के ‘काले कपड़े’ वाली किलर स्क्वॉड क्या है?


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Mojtaba Khamenei NOPO Special Security: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की सुरक्षा को लेकर बड़ी अपडेट आई है। अमेरिका-इजरायल के हमलों में उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद, तेहरान ने NOPO नाम की एलीट एंटी-टेरर यूनिट को उनकी प्रोटेक्शन पर तैनात किया है।

ये ‘काले कपड़े’ वाली फोर्स ईरान की सबसे घातक स्पेशल यूनिट्स में से एक है, जो विरोध प्रदर्शनों को कुचलने और हाई-प्रोफाइल सिक्योरिटी में माहिर है। लेकिन क्या ये सच है? और NOPO आखिर है क्या? आइए डीटेल में समझते हैं…

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Mojtaba Khamenei Security Update: मोजतबा की सिक्योरिटी- NOPO की तैनाती क्यों?

28 फरवरी 2026 को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में अली खामेनेई की हत्या के बाद, उनके बेटे मोजतबा को 8 मार्च को सुप्रीम लीडर चुना गया। रिपोर्ट्स में दावा है कि मोजतबा इजरायल और अमेरिका के हमले में घायल हुए। पैर में फ्रैक्चर, आंख पर चोट। उनके परिवार के कई सदस्य मारे गए। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने इसे खारिज करते हुए कहा कि वे ‘सुरक्षित और स्वस्थ’ हैं। मोजतबा ने अभी तक कोई पब्लिक स्टेटमेंट या स्पीच नहीं दी, जो उनकी स्थिति पर सवाल उठाता है।

अमेरिकी मीडिया फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की नेशनल रेसिस्टेंस काउंसिल (एनसीआरआई) के अधिकारी अली सफावी ने बताया कि NOPO अब मोजतबा की सिक्योरिटी हैंडल कर रही है। सफावी ने कहा, ‘अली खामेनेई के बाद, NOPO ही मोजतबा की प्रोटेक्शन करेगी।’ ये यूनिट IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर) से अलग है, लेकिन सुप्रीम लीडर के प्रति पूरी वफादारी रखती है। हमले में NOPO के कुछ सदस्य मारे गए हो सकते हैं, लेकिन यूनिट फुल ऑपरेशनल है।

What Is NOPO? ईरान की ‘ब्लैक क्लोथ’ स्पेशल फोर्स

NOPO का फुल फॉर्म है ‘निरौयेह विजेह पासदारन वेलायत’ यानी ‘सुप्रीम लीडर की प्रोटेक्शन के लिए स्पेशल फोर्स’। 1991 में बनी ये यूनिट ईरान की स्पेशल यूनिट कमांड के तहत काम करती है और पुलिस की सबसे एडवांस्ड एंटी-रायट फोर्स है। सदस्य काले कपड़े पहनते हैं, इसलिए इन्हें ‘ब्लैक क्लोथ किलर स्क्वॉड’ कहा जाता है। नाम से ये होस्टेज रेस्क्यू के लिए बनी, लेकिन रियल में ये विरोध प्रदर्शनों को कुचलने में इस्तेमाल होती है।

  • इतिहास और स्ट्रक्चर: 1979 की इस्लामिक रिवॉल्यूशन के बाद बनी IRGC से अलग, NOPO में सिर्फ 6 ब्रिगेड हैं, 4 तेहरान में, 1 मशहद में और 1 इस्फहान में। ये हाईली ट्रेंड हैं, एडवांस्ड वेपन्स से लैस, और IRGC से ज्यादा रूथलेस माने जाते हैं।
  • भूमिका: सुप्रीम लीडर की पर्सनल सिक्योरिटी, एंटी-टेरर ऑपरेशंस, और इंटरनल थ्रेट्स से डील। सफावी के मुताबिक, ‘ये सिस्टम की पूरी प्रोटेक्शन करती है, न कि सिर्फ लीडर की।’ क्राइसिस में ये प्रोटेस्टर्स पर फायरिंग करती है।
  • आरोप और कंट्रोवर्सी: NOPO पर गंभीर ह्यूमन राइट्स वायलेशन के आरोप हैं। 1999 के स्टूडेंट प्रोटेस्ट, 2019 की अशांति, और 2022 के महसा अमिनी प्रोटेस्ट में ये हिंसक दमन में शामिल रही। रिपोर्ट्स कहती हैं कि ये राजनीतिक जेलों के आसपास तैनात होती है और प्रदर्शनकारियों को टारगेट करती है।

Mojtaba Khamenei Health Update: मोजतबा की स्थिति- छिपे हुए लीडर का रहस्य

56 साल के मोजतबा शांत स्वभाव के हैं और पब्लिक में कम नजर आते हैं। उनकी नियुक्ति IRGC के दबाव में हुई, जो उन्हें पिता की हार्डलाइन पॉलिसीज का सपोर्टर मानते हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट में सूत्रों ने कहा कि गार्ड्स अब और पावरफुल हो गए हैं, जो ईरान को मिलिट्री स्टेट की तरफ ले जा सकता है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि मोजतबा घायल हैं लेकिन सेफ लोकेशन पर हैं। ईरान के प्रेसिडेंट के बेटे यूसुफ पेजेशकियन ने टेलीग्राम पर कन्फर्म किया कि ‘वे सुरक्षित हैं, घायल होने की खबरें गलत।’

क्या मतलब ईरान के लिए?

NOPO की तैनाती से साफ है कि तेहरान मोजतबा को किसी भी थ्रेट से बचाना चाहता है, लेकिन ये इंटरनल डिसेंट को भी दबा सकती है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि IRGC का डोमिनेंस बढ़ने से फॉरेन पॉलिसी ज्यादा एग्रेसिव और घरेलू कंट्रोल सख्त हो सकता है। अगर मोजतबा पब्लिक में नहीं आए, तो अफवाहें और तेज होंगी। फिलहाल, NOPO ईरान की ‘शैडो आर्मी’ बनी हुई है, जो सत्ता को हर कीमत पर बचाती है। अपडेट्स के लिए जुड़े रहें।



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