HomeराजनीतिHormuz से दो भारतीय गैस टैंकरों को गुजरने मिला सुरक्षित रास्ता, ईरान...

Hormuz से दो भारतीय गैस टैंकरों को गुजरने मिला सुरक्षित रास्ता, ईरान के राजदूत बोले- ‘भारत हमारा मित्र’


India

oi-Divyansh Rastogi

Iran India Relations: पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव के बीच भारत को बड़ी राहत की खबर आई है। ईरान के भारत में राजदूत मोहम्मद फथली ने स्पष्ट संकेत दिया कि दो भारतीय गैस टैंकरों को होर्मुज से गुजरने का सुरक्षित रास्ता देने की अनुमति दे दी गई है। उन्होंने कहा, ‘क्योंकि भारत हमारा मित्र है।

यह बयान ऐसे समय में आया जब ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण होर्मुज रूट बंद होने का खतरा मंडरा रहा था और भारत के LPG-तेल टैंकर फंस गए थे। राजदूत की बात ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने का संकेत दिया है।

Iran India Relations

‘भारत हमारा मित्र है’

पत्रकारों से बातचीत में मोहम्मद फथली (Mohammad Fathali) से पूछा गया कि क्या भारतीय जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित गुजरने की अनुमति मिलेगी। इस पर उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच दोस्ताना संबंध हैं और सकारात्मक घटनाक्रम जल्द सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘हां, क्योंकि भारत हमारा मित्र है। आप इसे बहुत जल्द देख सकते हैं।’ राजदूत के इस बयान को इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि क्षेत्रीय तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा और व्यापारिक आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए दोनों देशों के बीच सहयोग जारी रहेगा।

भारत-ईरान के साझा हित

फथली ने कहा कि भारत और ईरान के इस क्षेत्र में कई साझा हित हैं। उनके मुताबिक दोनों देशों के संबंध लंबे समय से सहयोग और भरोसे पर आधारित रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली और तेहरान के बीच संबंध केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि ऐतिहासिक और रणनीतिक भी हैं, और दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता में समान रुचि रखते हैं। राजदूत ने यह भी कहा कि कठिन समय में भारत ने कई क्षेत्रों में ईरान का सहयोग किया है, जिसे तेहरान महत्व देता है।

क्यों अहम है होर्मुज ?

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। फारस की खाड़ी से निकलने वाला बड़ा हिस्सा तेल और गैस इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण भाग इस संकरे समुद्री गलियारे से होकर गुजरता है। इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा का असर वैश्विक ऊर्जा कीमतों और व्यापार पर पड़ सकता है। भारत भी अपने कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आयात करता है, इसलिए इस मार्ग की सुरक्षा उसके लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है।

दुनिया का 20% कच्चा तेल इसी संकरे रास्ते से गुजरता है। भारत का 45% कच्चा तेल आयात और 85-90% LPG इसी रूट से आता है। युद्ध के कारण रूट बंद होने से LPG संकट गहराया था-बुकिंग पर 20-25 दिन वेटिंग, ब्लैक मार्केट में सिलेंडर 2000-3000 रुपये तक।

वैश्विक बाजार की नजर

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण सरकारें, ऊर्जा कंपनियां और शिपिंग कंपनियां इस समुद्री मार्ग की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। ऐसे माहौल में ईरान के राजदूत का यह बयान भारत के लिए राहत भरा संकेत माना जा रहा है कि क्षेत्रीय तनाव के बावजूद भारतीय जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखने की कोशिश की जाएगी।

ईरान के राजदूत का ‘भारत हमारा मित्र है’ वाला बयान होर्मुज संकट में भारत को तत्काल राहत दे रहा है। जबकि क्षेत्र में तनाव जारी है, दोनों देशों के बीच मित्रता और साझा हितों ने ऊर्जा सुरक्षा का रास्ता खोल दिया। सरकार का संदेश साफ है-घबराहट न करें, बुकिंग समय पर करें। होर्मुज रूट खुलने से LPG संकट जल्द खत्म होने की उम्मीद है। भारत की कूटनीति एक बार फिर काम कर रही है।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments