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16 की उम्र में जबरदस्त कामयाबी और फिर सफलता बनी डिप्रेशन का कारण, अब वापसी कर रही हैं युवा धुरंधर


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oi-Naveen Sharma

अक्सर फाइट से पहले हंसती-मुस्कुराती दिखने वालीं सुपरगर्ल जब रिंग में एंट्री लेती हैं तो वह अपना रौद्र रूप धारण कर लेती हैं। उनके जबरदस्त मुक्के, किक्स और घुटने के वार अच्छी-अच्छी विरोधियों को ढेर करते हुए आए हैं।

अब वह एक बार फिर से लंबे समय बाद एक्शन में दिखने जा रही हैं और उनका सामना 14 मार्च को होने वाले ONE Championship के अगले इवेंट ONE Fight Night 41 में हांगकांग की फाइटर यू यौ पुई से एटमवेट मॉय थाई मैच में होगा।

Anna Supergirl Jaroonsak

होश संभाला तब से कर रही हैं ट्रेनिंग

थाईलैंड के लोग अपने राष्ट्रीय खेल मॉय थाई को बहुत ही छोटी उम्र से शुरु कर देते हैं और एना “सुपरगर्ल” जारूनसाक ने भी कुछ ऐसा ही किया। पिता की देखरेख में वह और उनकी बड़ी बहन वंडरगर्ल, जो कि एक फाइटर हैं, ने ट्रेनिंग शुरु की। इसी के चलते 22 वर्षीय स्टार ने करियर में अब 40-7 (जीत-हार) का शानदार रिकॉर्ड बनाया है।

उन्होंने अपनी ट्रेनिंग के बारे में कहा, “मेरे पिता मुझे बचपन से ही मॉय थाई सिखा रहे हैं, जब मैं करीब 2-3 साल की थी। मॉय थाई हमेशा से मेरी जिंदगी का हिस्सा रहा है। मैं 8 साल की उम्र से ही फाइट कर रही हूं और बिना ब्रेक के लगातार ट्रेनिंग करती रही हूं।”

कामयाबी ही डिप्रेशन की वजह बनी

जिस उम्र मे बच्चे स्कूल की पढ़ाई कर रहे होते हैं, उस समय सुपरगर्ल स्ट्राइकिंग जगत का एक चर्चित नाम बन गईं। उन्होंने 16 वर्ष की आयु में अपनी ONE डेब्यू फाइट लड़ी और विरोधी को मात्र 60 सेकंड मे ढेर कर दिया। उन्हें लगातार कामयाबी मिलती रही, मगर इसी शोहरत ने उनकी नींद भी उड़ा दी।

उस बुरे दौर के बारे मे बात करते हुए सुपरगर्ल ने कहा, “मैं तो लगभग फाइटिंग छोड़ने वाली थी क्योंकि ऑनलाइन बहुत सारे नकारात्मक कमेंट्स आने लगे थे। मैं बहुत उदास रहने लगी थी, लगभग डिप्रेशन जैसा महसूस होने लगा था और पैनिक अटैक भी आने लगे थे। कई बार तो मुझे नींद भी नहीं आती थी।”



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