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-Oneindia Staff
जम्मू और कश्मीर के बांदीपोरा जिले की एक अदालत ने पांच साल पहले एक भाजपा नेता और उनके परिवार के सदस्यों की हत्या में शामिल आतंकवादियों को शरण देने के आरोपी तीन व्यक्तियों को बरी कर दिया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के तहत विशेष न्यायाधीश के रूप में कार्य कर रहे जिला और सत्र न्यायाधीश मीर वजा ने बुधवार को यह फैसला सुनाया।

आरोपी – अब्रार गुलजार खान, मुनीर अहमद शेख और मोहम्मद वकार लोन – को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 39 के तहत अपर्याप्त सबूतों के कारण बरी कर दिया गया। न्यायाधीश ने तत्काल रिहाई का आदेश दिया, बशर्ते कि उन्हें किसी अन्य मामले के लिए आवश्यक न हो, जो जेल अधिकारियों द्वारा सत्यापन लंबित हो।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला भाजपा नेता शेख वसीम बारी, उनके पिता बशीर अहमद शेख और भाई उमर सईद सुल्तान बारी की हत्या से संबंधित है। जुलाई 2020 में बांदीपोरा जिले में आतंकवादियों ने उनकी दुकान में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। अभियोजन पक्ष का अपना मामला साबित करने में असमर्थ रहना आरोपियों की रिहाई का कारण बना।
न्यायिक टिप्पणियां
न्यायाधीश मीर वजा ने कहा कि सभी 17 अभियोजन गवाहों की जांच के बाद, आरोपियों और 8 जुलाई 2020 के आतंकवादी हमले के बीच कोई प्रत्यक्ष या परिस्थितिजन्य संबंध स्थापित करने वाले सबूत नहीं थे। अभियोजन पक्ष आरोपियों को अपराध से जोड़ने वाले फोरेंसिक या तकनीकी सबूत प्रदान करने में विफल रहा।
चल रही कार्यवाही
अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि दो अन्य फरार आरोपी व्यक्तियों, आबिद रशीद डार और आजाद अहमद शाह के खिलाफ कार्यवाही कानूनी आवश्यकताओं के अनुसार जारी रहेगी। 89 पृष्ठों के विस्तृत आदेश में बरी किए गए तीन व्यक्तियों के खिलाफ सबूतों की कमी पर प्रकाश डाला गया।
With inputs from PTI



