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Middle East में ‘महाविनाश’ का काउंटडाउन! अमेरिका-इजरायल के रोज 8000 करोड़ स्वाहा, ट्रैवल सेक्टर को भारी नुकसान


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oi-Sohit Kumar

Middle East War Update: मिडल-ईस्ट में जारी जंग ने पूरी दुनिया के टूरिज्म और अर्थव्यवस्था की कमर तोड़कर रख दी है। ईरान पर हो रहे हमलों और वहां से मिल रहे जवाब के कारण लोग अब विदेश यात्रा के नाम से ही घबरा रहे हैं। ऐसे में ट्रैवल सेक्टर से जो रिपोर्ट्स आई हैं वो चौंकाने वाली हैं।

वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल (WTTC) के मुताबिक, इस लड़ाई की वजह से दुनिया भर के टूर एंड ट्रैवल सेक्टर को हर दिन लगभग 5,500 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस युद्ध की सबसे बड़ी कीमत वे देश चुका रहे हैं जो इस मैदान में सीधे उतरे हुए हैं।

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इजरायल पर बढ़ता बोझ, अमेरिका पर भी असर

इजरायल की अर्थव्यवस्था पर इस जंग का बोझ अब बर्दाश्त से बाहर होता जा रहा है। आंकड़ों की मानें तो इजरायल अपने लड़ाकू विमानों, मिसाइलों और फौज पर रोजाना करीब 6,000 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। अगर इसमें अमेरिका की सैन्य मदद और युद्ध के कारण बर्बाद हो रही संपत्तियों को भी जोड़ दें, तो अमेरिका और इजरायल को हर दिन 7,500 से 8,000 करोड़ रुपये की चपत लग रही है।

खाड़ी देशों से तौबा: अब पर्यटकों की पसंद बना अपना देश

भारत के नजरिए से देखें तो यह संकट हमारे टूरिज्म का पूरा गणित बदल रहा है। पहले भारत से विदेश जाने वाले हर दो में से एक व्यक्ति दुबई, सऊदी अरब या कतर जैसे देशों का रुख करता था। लेकिन अब वहां के हालात देखते हुए लोगों ने वहां जाना लगभग बंद कर दिया है।

कंपनियों में कैंसिलेशन 100% तक पहुंचा

‘पिकयोरट्रेल’ जैसी ट्रैवल कंपनियों का कहना है कि मिडल-ईस्ट की बुकिंग में 60% की गिरावट आई है, वहीं दिल्ली की कई कंपनियों में तो कैंसिलेशन 100% तक पहुंच गया है। इसका असर मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी दिख रहा है, जहां हजारों लोगों ने अपनी ट्रिप कैंसिल कर दी है या फिलहाल प्लान टाल दिया है।

भारत के पर्यटन स्थलों में जबरदस्त भीड़

विदेश में छाई इस अनिश्चितता का सीधा फायदा भारत के पर्यटन स्थलों को मिल रहा है। ‘ईज माईट्रिप’ और ‘मेकमाईट्रिप’ जैसे दिग्गजों का कहना है कि फ्लाइट के टिकट महंगे होने के बावजूद लोग अब कोच्चि, पुरी और अंडमान जैसी जगहों पर जाना ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं। इन जगहों के लिए पूछताछ में 200% का उछाल देखा गया है। वहीं जो लोग विदेश जाने की जिद पर अड़े हैं, वे अब थाईलैंड, जापान और मलेशिया जैसे देशों को चुन रहे हैं। जानकारों का कहना है कि अगर यह जंग लंबी खिंची, तो 2026 भारत के अपने टूरिज्म सेक्टर के लिए अब तक का सबसे सफल साल साबित हो सकता है।

तेल के संकट ने दुनिया भर में बढ़ाई महंगाई

जंग का सबसे डरावना पहलू ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का रास्ता है। दुनिया का 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर आता है। अगर ईरान ने अपनी धमकी के मुताबिक यह रास्ता बंद कर दिया, तो कच्चा तेल $200 प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। इसका मतलब है कि सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि हर चीज की कीमतें आसमान छूने लगेंगी। साफ है कि यह लड़ाई सिर्फ दो देशों के बीच नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया की जेब पर एक बहुत बड़ा हमला है।



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