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US Iran War: जारी रहेगी जंग, ईरान और अमेरिका ने सीजफायर के लिए बात करने से किया इनकार


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oi-Bhavna Pandey

War will continue in the Middle East: डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए मिडिल ईस्‍ट के सहयोगी देशों के कूटनीतिक प्रयासों को ठुकरा दिया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, ये प्रयास उस युद्ध को रोकने के लिए किए जा रहे थे जो दो सप्ताह पहले अमेरिका और इज़रायल के बड़े हवाई हमलों के साथ शुरू हुआ था।

उधर, ईरान ने भी स्पष्ट किया है कि जब तक अमेरिका और इज़रायल के हवाई हमले बंद नहीं होते, तब तक वह किसी युद्धविराम के लिए तैयार नहीं है। दो वरिष्ठ ईरानी सूत्रों ने बताया कि कई देश इस संघर्ष को खत्म कराने के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं।

Strait of Hormuz conflict escalates

वॉशिंगटन और तेहरान दोनों की ओर से बातचीत में दिलचस्पी न दिखने से यह युद्ध लंबा खिंचने के संकेत मिल रहे हैं। इस बीच, संघर्ष में आम लोगों की मौतें बढ़ रही हैं और ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद करने से तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं।

वहीं ईरान से जारी युद्ध के बीच ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य ( होर्मुज स्ट्रेट) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट हर हाल में खुलेगा, चाहे जो भी हो। ट्रंप ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जलडमरूमध्य को खोलने के लिए अन्य देश भी अमेरिका का साथ देंगे और अपने युद्धपोत भेजेंगे, जिसकी उन्हें उम्मीद है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा मुझे उम्‍मीद है कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देश भी इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में अपने जहाज़ भेजेंगे। ट्रंप ने कहा कि इस सहयोग से होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ा कोई ख़तरा नहीं रह जाएगा। इसके अलावा, ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिका ईरानी समुद्री तटरेखा से दूर जमकर बमबारी करेगा।

उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिकी सेना अंतर्राष्ट्रीय जल में ईरानी नौकाओं और जहाजों को लगातार निशाना बनाना जारी रखेगी। यह बयान क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अमेरिका की आक्रामक नीति को दर्शाता है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ सकती हैं।

खाड़ी में तनाव और जहाजों की आवाजाही पर असर

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास बढ़ते तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही कम हो गई है और कई तेल टैंकर इस मार्ग से दूरी बना रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो सकती है और खाड़ी क्षेत्र में सैन्य टकराव की आशंका बढ़ सकती है।

सहयोगी देशों से तैनाती की उम्मीद

ट्रंप ने उम्मीद जताई कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और यूनाइटेड किंगडम जैसे देश भी इस क्षेत्र में अपने जहाज भेजेंगे। उनका मानना है कि अमेरिका और इसके सहयोगी देशों की संयुक्त सुरक्षा व्यवस्था से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को किसी भी देश के लिए खतरा बनने से रोका जा सकेगा।

अमेरिका सीधे सैन्य कार्रवाई से नहीं हिचकेगा

ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका सीधे सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका पहले ही ईरान की सैन्य क्षमता का एक बड़ा हिस्सा नष्ट कर चुका है, लेकिन इसके बावजूद ईरान ड्रोन, समुद्री बारूदी सुरंग या कम दूरी की मिसाइलों के जरिए इस जलमार्ग को बाधित करने का प्रयास कर सकता है।

खर्ग द्वीप और वैश्विक तेल बाजार पर प्रभाव

हाल ही में अमेरिकी हमलों में खर्ग द्वीप पर स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि इस द्वीप के ऊर्जा साइट्स पर हमला हुआ, तो वह अमेरिका से जुड़े तेल ढांचों को पूरी तरह तबाह कर देगा। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-इजरायल युद्ध तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और इसका असर वैश्विक तेल बाजार पर भी स्पष्ट रूप से दिखने लगा है।



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