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LPG Crisis: ‘होर्मुज’ में फंसे 600 भारतीय, 22 जहाज और 7 पर लदा है गैस! मिसाइल अटैक के बीच कब होगी वापसी?


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oi-Sumit Jha

LPG Crisis: स्ट्रैट ऑफ होर्मुज में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर आई है। खाड़ी देशों से एलपीजी (LPG) लेकर आ रहे दो और भारतीय जहाज, ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’, सुरक्षित रूप से इस संकरे रास्ते को पार कर गए हैं। अब तक कुल तीन जहाज इस संकट वाले क्षेत्र से बाहर निकल चुके हैं और गुजरात के बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं।

हालांकि, अब भी 22 जहाज वहां फंसे हुए हैं, जिनमें सैकड़ों भारतीय नाविक सवार हैं। भारत सरकार ईरान, अमेरिका और अन्य देशों के साथ बातचीत कर रही है ताकि ऊर्जा संकट को टाला जा सके।

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LPG carriers Shivalik Nanda Devi: जहाजों की सुरक्षित वापसी

भारत के दो महत्वपूर्ण गैस टैंकर, शिवालिक और नंदा देवी, शनिवार तड़के स्ट्रैट ऑफ होर्मुज को पार करने में सफल रहे। ये जहाज अब मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों की ओर आ रहे हैं। जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि इन जहाजों का सुरक्षित निकलना एक बड़ी कामयाबी है। ईरान ने विशेष छूट देते हुए इन जहाजों को रास्ता दिया है। सरकार की प्राथमिकता इन जहाजों को बिना किसी नुकसान के स्वदेश लाना है ताकि देश में ईंधन की कमी न हो।

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Strait of Hormuz crisis: 22 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं

सुरक्षित निकले जहाजों के अलावा, अभी भी 22 भारतीय जहाज स्ट्रैट ऑफ होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए हैं। इन जहाजों पर कुल 611 भारतीय नाविक मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर सरकार चिंतित है। इसके अलावा, तीन जहाज पूर्वी तट पर भी फंसे हैं जिनमें 76 नाविक सवार हैं। डीजी शिपिंग (DG Shipping) और भारतीय दूतावास लगातार जहाज मालिकों और वहां की स्थानीय एजेंसियों के साथ तालमेल बिठा रहे हैं ताकि बाकी बचे जहाजों को भी जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके।

India gas shortage: कूटनीतिक प्रयास और बातचीत जारी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, भारत इस मुद्दे पर मिडिल ईस्ट के सभी प्रमुख देशों के संपर्क में है। भारत ने खाड़ी देशों (GCC), ईरान, अमेरिका और इजराइल को अपनी चिंताओं से अवगत कराया है। भारत का मुख्य उद्देश्य अपनी ‘ऊर्जा सुरक्षा’ को बचाना है। ईरान में मौजूद भारतीय राजदूत मोहम्मद फताली ने भी पुष्टि की है कि भारत के अनुरोध पर कुछ जहाजों को निकलने की अनुमति दी गई है। तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर लगातार चर्चा जारी है।

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गैस संकट और घरेलू उपाय

इस ब्लॉकेड की वजह से भारत में गैस की भारी किल्लत हो गई है। इसे देखते हुए सरकार ने उद्योगों (Industries) को दी जाने वाली गैस की सप्लाई में कटौती कर दी है। सरकार का पूरा ध्यान घरों में इस्तेमाल होने वाली रसोई गैस (LPG) को बचाने पर है ताकि आम जनता को परेशानी न हो। बंदरगाहों के लिए नए नियम (SOP) जारी किए गए हैं, जिसमें एलपीजी लाने वाले जहाजों को सबसे पहले जगह देने का निर्देश दिया गया है। फिलहाल देश के सभी बड़े बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य बना हुआ है।



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