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जयंत चौधरी पर किसकी बुरी नजर? हाथ में सरकारी टूर प्लान लेकर दी जान से मारने की धमकी


Uttar Pradesh

oi-Sohit Kumar

Jayant Chaudhary Received Death Threat: केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के प्रमुख जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी मिली है। इस गंभीर मामले की जानकारी उनके प्रथम निजी सहायक विश्वेन्द्र शाह द्वारा दिल्ली के तुगलक रोड थाने में दी गई है। चौधरी को फोन और व्हाट्सएप पर ये धमकी मिली है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को मंत्री जयंत चौधरी को एक अज्ञात नंबर से जान से मारने की धमकी भरा कॉल आया। उनके निजी सहायक विश्वेन्द्र शाह ने शिकायत में बताया कि फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद की पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी ‘इस्माइल’ के रूप में बताई।

Jayant Chaudhary Death Threat

कैसे लीक हुआ मंत्री का सरकारी टूर प्रोग्राम?

हैरानी की बात यह है कि आरोपी के पास मंत्री का आधिकारिक ‘सरकारी टूर प्रोग्राम’ भी मौजूद था। कॉल के अलावा व्हाट्सएप पर भी धमकी भरे वॉयस मैसेज और संदेश भेजे गए। दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कर ली है और पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ मिलकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

कोठी की जासूसी और संदिग्ध हलचल

शिकायत पत्र के अनुसार, मामला केवल फोन तक सीमित नहीं है। विश्वेन्द्र शाह ने पत्र में बताया कि, इस बीच एक और गंभीर जानकारी सामने आई है कि कोई अज्ञात व्यक्ति हमारे आवास के पिछले गेट की जासूसी कर रहा है और इस बात की निगरानी रख रहा है कि दरवाजा किस समय खुलता-बंद होता है और कौन आता-जाता है। लगभग तीन दिन पहले रात 9:00 से 10:00 बजे के बीच एक सफेद रंग की स्विफ्ट गाड़ी, जिसके शीशे काले थे, कोठी के दूसरी तरफ काफी देर तक खड़ी रही और उसमें सवार लोग कोठी की निगरानी कर रहे थे।’

जयंत चौधरी का राजनीतिक सफर

जयंत चौधरी वर्तमान में नरेंद्र मोदी सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी (SP) का साथ छोड़कर NDA का दामन थामा था। यह फैसला तब आया जब केंद्र सरकार ने उनके दादा और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को ‘भारत रत्न’ देने का ऐलान किया। उस समय जयंत चौधरी ने ‘X’ पर भावुक पोस्ट लिखते हुए कहा था, ‘दिल जीत लिया।’

धमकी की खबरों के बीच, मंत्री जयंत चौधरी अपने विभागीय कार्यों में भी सक्रिय हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के माध्यम से किसान बेहतर बाजारों तक पहुंच बना सकते हैं। सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा भी बढ़ाई है, लेकिन इसका असली लाभ तभी मिलेगा जब किसान जागरूक होकर समूहों में काम करेंगे।



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