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‘इफ्तार पर एक्शन, शराब पर चुप्पी?’, वाराणसी मामले में ओवैसी ने सरकार को घेरा, बोले-मुस्लिम होने की मिली सजा?


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oi-Kumari Sunidhi Raj

Varanasi Boat Iftar Controversy Row: वाराणसी में गंगा की लहरों पर नाव पर सवार होकर रोजा इफ्तार करने का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में तब्दील हो गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिस पर एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

ओवैसी ने इस कार्रवाई को भेदभावपूर्ण बताते हुए सरकार और प्रशासन की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल सार्वजनिक स्थान पर खाना खाने के लिए केस दर्ज करना और जेल भेजना न्यायोचित नहीं है। इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक भावनाओं और कानून के दोहरे मापदंडों पर नई बहस छेड़ दी है, जिससे काशी की सियासत में उबाल आ गया है।

Varanasi Boat Iftar Owaisi

नाव पर इफ्तार और ओवैसी का कड़ा रुख

वाराणसी के गंगा घाट पर 14 मुस्लिम युवकों द्वारा नाव पर रोजा खोलने के मामले में पुलिसिया कार्रवाई पर असदुद्दीन ओवैसी भड़क उठे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया और अपने बयानों के जरिए इस घटना की कड़ी आलोचना की। ओवैसी ने कहा कि महज नाव पर बैठकर खाना खाने से किसी की धार्मिक भावनाएं कैसे आहत हो सकती हैं? उन्होंने पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मुकदमों और तत्काल गिरफ्तारी को गलत करार दिया।

ओवैसी ने सवाल उठाया कि अगर कुछ लोग नदी के बीच नाव पर इफ्तार करते हैं, तो इससे किसकी भावनाएं आहत हुईं? उन्होंने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब गंगा में शहर का सीवेज और गंदगी गिरती है, तब लोगों की भावनाएं क्यों नहीं जागतीं? गंदगी फैलाने वालों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं होती? ओवैसी ने आरोप लगाया कि इन युवाओं को सिर्फ इसलिए जेल भेजा गया क्योंकि वे मुस्लिम हैं। उनके अनुसार, अगर यही काम कोई और करता तो शायद कार्रवाई इतनी सख्त नहीं होती।

शराब की दुकानों और दोहरे मापदंड पर प्रहार

ओवैसी ने इस मामले को लेकर प्रशासन पर ‘दोहरे मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने तर्क दिया कि रमजान के पवित्र महीने में शराब की दुकानें पूरी तरह खुली रहती हैं। उन्होंने पूछा कि क्या शराब की बिक्री से मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत नहीं होतीं? ओवैसी के मुताबिक, कानून का इस्तेमाल केवल एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि हाल ही में वाराणसी में गंगा नदी में एक नाव पर इफ्तार करते हुए कुछ युवकों का वीडियो वायरल हुआ था। आरोप है कि इफ्तार के दौरान मां गंगा की मर्यादा का उल्लंघन किया गया। भाजपा युवा मोर्चा की शिकायत पर पुलिस ने धार्मिक भावनाएं भड़काने और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, ओवैसी के हस्तक्षेप के बाद अब यह मामला पूरी तरह राजनीतिक हो चुका है।

With AI Inputs

ये भी पढ़ें: ‘Farooq Abdullah पर फायरिंग…मुस्लिमों पर जुल्म होता है’, Tarun Kumar की मौत पर Owaisi ने क्या-क्या कहा?





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