HomeराजनीतिIran America War: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच जयशंक ने अमेरिकी...

Iran America War: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच जयशंक ने अमेरिकी विदेश मंत्री से की बात, किन मुद्दों पर चर्चा


International

oi-Sumit Jha

Jaishankar Marco Rubio Phone Call: भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच एक महत्वपूर्ण टेलीफोनिक बातचीत हुई। इस चर्चा का मुख्य केंद्र पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहा तनाव और उसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाला असर था।

दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया की आर्थिक स्थिरता के लिए इस क्षेत्र में शांति जरूरी है। यह बातचीत भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते कूटनीतिक रिश्तों को दर्शाती है, जहाँ दोनों देश वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए एक साथ खड़े नजर आ रहे हैं।

jaishankar marco rubio telephonic talk

West Asia conflict Update in Hindi: पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा

डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि, आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ विस्तृत टेलीफोनिक बातचीत हुई। हमारी चर्चा पश्चिम एशिया संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव पर केंद्रित रही। हमने विशेष रूप से ऊर्जा सुरक्षा की चिंताओं के बारे में बात की। संपर्क में बने रहने पर सहमति बनी।”

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर

बैठक का एक बड़ा हिस्सा आर्थिक चिंताओं पर आधारित था। पश्चिम एशिया में अस्थिरता की वजह से पूरी दुनिया की सप्लाई चेन (माल की आवाजाही) प्रभावित होने का डर रहता है। डॉ. जयशंकर ने बताया कि कैसे इस तनाव से सामानों की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे गरीब और विकासशील देशों पर बोझ बढ़ता है। दोनों देशों ने सहमति जताई कि वैश्विक व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए मिलकर काम करना जरूरी है ताकि आर्थिक मंदी जैसे हालात न बनें।

ये भी पढ़ें: Iran Vs America: ईरान की ‘सीक्रेट मिसाइल’ या सत्ता जाने का डर, अचानक ट्रंप ने क्यों किया सरेंडर

ऊर्जा सुरक्षा की चिंता

भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि हम अपनी जरूरत का अधिकांश तेल और गैस बाहर से मंगवाते हैं। जयशंकर और रुबियो ने इस बात पर गहराई से चर्चा की कि युद्ध की स्थिति में तेल की कीमतों को बढ़ने से कैसे रोका जाए। अगर तेल के दाम बढ़ते हैं, तो इसका असर सीधे आम जनता की जेब पर पड़ता है। दोनों नेताओं ने ऊर्जा के स्रोतों को सुरक्षित और स्थिर बनाए रखने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।

ये भी पढे़ं: US Iran War: 5 दिन के सीजफायर की बात, 10 मिनट में Trump का पोस्ट गायब! ईरान ने कहा- ‘हमारे डर से लिया फैसला’

आगे के लिए आपसी सहमति

बातचीत के अंत में, दोनों मंत्रियों ने भविष्य में भी एक-दूसरे के संपर्क में रहने का वादा किया। इस कॉल का मकसद केवल मौजूदा समस्याओं पर चर्चा करना नहीं था, बल्कि भविष्य की रणनीतियों पर तालमेल बिठाना भी था। भारत और अमेरिका का यह सहयोग दिखाता है कि दोनों देश एक-दूसरे के रणनीतिक साझेदार हैं और वैश्विक संकट के समय एक-दूसरे के अनुभवों और सुझावों को महत्व देते हैं। यह दोस्ती दुनिया में स्थिरता लाने के लिए अहम है।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments