पूंजी बाजार नियामक सेबी ने ब्रोकर्स के लिए कुछ रिपोर्टिंग नियमों में राहत देने का फैसला किया है। इसके तहत डीमैट खातों की अनिवार्य रिपोर्टिंग को खत्म किया गया है और बैंक खातों के खुलासे से जुड़े नियमों को भी सरल बनाया गया है। सेबी का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य नियामकीय दक्षता बढ़ाना और कारोबार को आसान बनाना है। साथ ही रिपोर्टिंग प्रक्रिया को सरल और व्यावहारिक बनाने के लिए नियमों में सामंजस्य स्थापित किया गया है।
नए नियमों के अनुसार, जो स्टॉक ब्रोकर बैंक या प्राइमरी डीलर भी हैं, उन्हें अब केवल उन्हीं बैंक खातों की जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को देनी होगी जो उनके ब्रोकिंग कारोबार से जुड़े हैं। पहले सभी खातों की जानकारी देना जरूरी होता था।
इसके अलावा, ब्रोकर्स के डीमैट खातों को पहले की तरह टैग किया जाता रहेगा, लेकिन यह नियम उन खातों पर लागू नहीं होगा जो केवल गैर-ब्रोकिंग गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, खासकर उन ब्रोकर्स के मामले में जो प्राइमरी डीलर भी हैं। सेबी के इस फैसले से ब्रोकर्स पर अनुपालन का बोझ कम होने की उम्मीद है और बाजार में कामकाज और अधिक सुगम हो सकेगा।



