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Oil Price Surge: पेट्रोल की कीमतों पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी का दावा, ‘चुनाव के बाद महंगा होगा तेल’


India

oi-Smita Mugdha

Oil Price Surge: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा हुआ है। अब इसका असर भारत समेत दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर नजर आ रहा है। TV9 Bharatvarsh के कार्यक्रम में बोलते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने देश की विदेश नीति, ऊर्जा निर्भरता और मौजूदा पेट्रोलियम संकट पर सरकार की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह संकट वैश्विक है और अब तक सरकार की तरफ से न तो प्रधानमंत्री और न ही किसी और मंत्री ने इस पर खुलकर कुछ कहा है।

सांसद और एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मोदी सरकार का फोकस सिर्फ चुनाव पर है। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि एक बार 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव हो जाएंगे, उसके बाद सरकार कीमतें बढ़ा देगी। उन्होंने एलपीजी संकट पर भी कहा कि इसका असर भारत के हर हिस्से में नजर आ रहा है।

Oil Price Surge owaisi

Oil Price Surge: भारत की ऊर्जी निर्भरता पर उठाए सवाल

ओवैसी ने अपने बयान में भारत की ऊर्जा निर्भरता को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत अपनी कच्चे तेल की लगभग 60% और गैस की 90% जरूरत मिडिल ईस्ट के देशों से पूरी करता है। ऐसे में जब सरकार “हम भारत के साथ हैं” जैसे बयान देती है, तो यह आर्थिक वास्तविकताओं से अलग नजर आता है। उन्होंने तर्क दिया कि यह निर्भरता सीधे तौर पर देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर असर डालती है।

उन्होंने फिलिस्तीन मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि मस्जिद-ए-अक्सा मुसलमानों के लिए तीसरी सबसे पवित्र इबादतगाह है, और इस विषय पर भारत के रुख पर भी उन्होंने टिप्पणी की।

Asaduddin Owaisi ने कहा, ‘सरकार ठोस कदम उठाए’

मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ता है। इससे पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की आशंका रहती है, जिसका असर परिवहन लागत से लेकर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों तक पड़ता है। इसके साथ ही देश में एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों को लेकर भी दबाव की स्थिति बन रही है। ओवैसी ने चेतावनी दी कि अगर सप्लाई चेन में व्यवधान बढ़ता है, तो एलएनजी, यूरिया और हीलियम जैसी जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। इससे कृषि, उद्योग और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों पर व्यापक असर पड़ सकता है।

PM Modi ने संसद में दिया पर्याप्त भंडार का आश्वासन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के दोनों सदनों में कहा कि मौजूदा संघर्ष के हालात में भी भारत की स्थिति मजबूत है। उन्होंने कहा, ‘भारत को अपनी ऊर्जा रणनीति में विविधता लाने की जरूरत थी और इसे समझते हुए हमने अपनी रणनीति बदली। अब किसी एक क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता नहीं है। हम वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों, जैसे नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) समेत दूसरे उपायों पर जोर दे रहे हैं।’ हालांकि, इसके बावजूद ओवैसी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट और मिडिल ईस्ट में तनाव भारत की अर्थव्यवस्था पर दबाव बना रहे हैं। आने वाले समय में सरकार के फैसले इस चुनौती से निपटने में निर्णायक साबित होंगे।



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