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oi-Sumit Jha
Iran America War: भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फताली से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति पर चर्चा करना था।
जयशंकर ने चुनौतीपूर्ण समय के दौरान ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए ईरानी सरकार का आभार व्यक्त किया। यह मुलाकात भारत और ईरान के बीच मजबूत होते राजनयिक संबंधों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आपसी सहयोग को दर्शाती है।

West Asia Conflict: पश्चिम एशिया के हालातों पर चर्चा
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर विस्तार से बात की। इस क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता भारत और ईरान दोनों के लिए चिंता का विषय है। एस. जयशंकर और डॉ. फताली ने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत के जरिए शांति बहाली जरूरी है। इस चर्चा का उद्देश्य न केवल सुरक्षा स्थिति को समझना था, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना था कि क्षेत्र में हो रही घटनाओं का असर द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक हितों पर न पड़े।
S Jaishankar Met Iran Ambassador to India: भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर आभार
विदेश मंत्री ने ईरान में रहने वाले भारतीय समुदाय का विशेष जिक्र किया। मुश्किल वक्त में ईरानी अधिकारियों ने भारतीयों को जो सहयोग और सुरक्षा प्रदान की, उसके लिए जयशंकर ने राजदूत को धन्यवाद दिया। विदेशी धरती पर अपने नागरिकों की सलामती भारत सरकार की प्राथमिकता है। ईरान ने इस मामले में एक भरोसेमंद दोस्त की भूमिका निभाई है, जिससे दोनों देशों के बीच मानवीय स्तर पर आपसी विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
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भारत-ईरान राजनयिक संबंधों की मजबूती
दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास में हुई यह मुलाकात प्रतीकात्मक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। यह दिखाती है कि वैश्विक दबाव और क्षेत्रीय तनाव के बावजूद भारत और ईरान अपने पुराने रिश्तों को प्राथमिकता दे रहे हैं। दोनों देशों के बीच चाबहार पोर्ट जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इस तरह की उच्च स्तरीय मुलाकातें यह संदेश देती हैं कि भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम है और वह अपने रणनीतिक साझेदारों के साथ लगातार संवाद बनाए रखता है।
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शांति और स्थिरता के लिए साझा प्रयास
अंत में, दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि दुनिया के इस हिस्से में शांति बनाए रखना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी जरूरी है। भारत ने हमेशा से तनाव कम करने और कूटनीति का रास्ता अपनाने की वकालत की है। राजदूत डॉ. फताली के साथ हुई यह बातचीत भविष्य में सहयोग के नए रास्ते खोल सकती है। दोनों देश आने वाले समय में सुरक्षा और व्यापारिक मुद्दों पर और भी करीब आकर काम करने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं।



