Homeअपराधजिस भाई की वजह से उजड़ा था घर, उसे सरेराह गोलियों से...

जिस भाई की वजह से उजड़ा था घर, उसे सरेराह गोलियों से भूनकर लिया पत्नी की मौत का बदला


मुजफ्फरनगर: कहते हैं कि रंजिश की आग ठंडी भी हो जाए, तो राख के नीचे अंगारे दबे रहते हैं. उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में एक ऐसी ही ‘खूनी रंजिश’ ने 26 साल के युवक अक्षय की जान ले ली. जिस भाई के साथ कभी बचपन बीता, उसी ने अपने कलेजे के टुकड़े (बेटे) और भतीजे के साथ मिलकर अक्षय को बीच रास्ते घेर लिया. पहले धारदार हथियारों से शरीर को छलनी किया और जब मन नहीं भरा, तो सीने में गोली उतार दी. वजह थी- ‘अवैध संबंध’ और छह महीने पहले हुई एक मौत का वो जख्म, जो मनोज के सीने में नासूर बन चुका था. भोपा पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर इस खौफनाक वारदात का पर्दाफाश कर दिया है.

घात लगाकर किया गया हमला
घटना 23 मार्च की रात की है. भोपा थाना क्षेत्र के ग्राम शाहदरा बांगर में सन्नाटा पसरा था. 26 वर्षीय अक्षय अपने खेत से काम निपटाकर घर की ओर लौट रहा था. उसे अंदाजा भी नहीं था कि रास्ते में मौत उसका इंतजार कर रही है. रास्ते में पहले से ही घात लगाकर बैठे मनोज, उसके भतीजे भारत और मनोज के नाबालिग बेटे ने अक्षय को घेर लिया. जैसे ही अक्षय करीब आया, तीनों ने उस पर धावा बोल दिया. आरोपियों के हाथों में दाती, चाकू और तमंचा था. पहले उस पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार किए गए.

जब अक्षय लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा, तो आरोपियों ने सुनिश्चित करने के लिए कि वह जिंदा न बचे, उसे गोली मार दी. वारदात को अंजाम देकर तीनों शिकारी अंधेरे का फायदा उठाकर मौका-ए-वारदात से फरार हो गए. वहीं, गोलियों की आवाज सुनकर गांव में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई.

क्यों हुई अक्षय की बेरहमी से हत्या?
अब यहां सवाल उठता है कि अक्षय की इतनी बेरहमी से हत्या आखिर क्यों हुई? इस सवाल का जवाब जानने के लिए आपको छह महीने पीछे जाना पड़ेगा. दरअसल, पुलिस तफ्तीश में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मृतक अक्षय के अपने ही रिश्ते के भाई मनोज की पत्नी के साथ प्रेम संबंध थे. जब इस बात की भनक मनोज और उसके परिवार को लगी, तो घर में कोहराम मच गया. आए दिन होने वाले झगड़ों और लोक-लाज के डर से मनोज की पत्नी ने करीब 6 महीने पहले जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी.

पत्नी की मौत के बाद मनोज पूरी तरह टूट चुका था और उसके अंदर प्रतिशोध की ज्वाला जल रही थी. लोक-लाज और बदनामी का दाग उसे चैन से जीने नहीं दे रहा था. घटना के बाद से ही अक्षय अक्सर गांव से बाहर रहने लगा था, जिससे मामला कुछ समय के लिए शांत दिख रहा था.

कमेंटबाजी बनी कत्ल की आखिरी वजह
हालांकि, शांति का यह पर्दा 22 मार्च को तब हटा जब अक्षय वापस गांव लौटा. गांव आते ही दोनों पक्षों के बीच फिर से तनातनी शुरू हो गई. बताया जा रहा है कि दोनों तरफ से छींटाकशी और कमेंटबाजी हुई. पहले से ही गुस्से में जल रहे मनोज के लिए यह कमेंटबाजी ‘आग में घी’ का काम कर गई. मनोज को लगा कि अक्षय न केवल उसकी बर्बादी का कारण बना, बल्कि अब गांव लौटकर उसे चिढ़ा भी रहा है. बस, इसी गुस्से में मनोज ने अपने बेटे और भतीजे को साथ लेकर अक्षय को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली और अगले ही दिन उसे मौत के घाट उतार दिया.

24 घंटे में सलाखों के पीछे पहुंचे कातिल
हत्या की खबर मिलते ही एसएसपी के निर्देशन में एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा. फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए. चश्मदीदों ने पुलिस को साफ बताया कि उन्होंने मनोज, भारत और नाबालिग को हथियार लहराते देखा था. पुलिस ने तुरंत टीमों का गठन किया और घेराबंदी शुरू कर दी. एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल के मुताबिक,

हमने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है. तीनों मुख्य आरोपियों मनोज, उसका भतीजा भारत और नाबालिग बेटा को गिरफ्तार कर लिया गया है. इनके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया तमंचा, दाती और चाकू बरामद कर लिया गया है. आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. मामला पुरानी रंजिश और अवैध संबंधों से जुड़ा है.

गांव में तनाव, पुलिस मुस्तैद
इस वारदात के बाद से शाहदरा बांगर गांव में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है. पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है. एक हंसता-खेलता परिवार इस रंजिश की भेंट चढ़ गया.. एक भाई कब्र में है, तो दूसरा अपने बेटे के साथ सलाखों के पीछे.



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments