प्रधान की मांग पर 12 किमी पैदल चलकर बकोड़ा गांव पहुंचे आधार ऑपरेटर, सिर पर प्रिंटर लेकर लगाया सेवा कैंप

चंपावत: सीमांत क्षेत्र के दूरस्थ बकोड़ा गांव में आधार सेवा से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए एक सराहनीय पहल देखने को मिली। ग्राम प्रधान रविंद्र रावत की मांग पर आधार ऑपरेटर आदिल ने करीब 10 से 12 किलोमीटर की खड़ी पहाड़ी चढ़ाई पैदल तय कर सिर पर प्रिंटर लेकर गांव तक पहुंचकर आधार सेवा कैंप लगाया, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।
प्रशासन के निर्देश और ग्राम प्रधान की पहल पर आयोजित इस कैंप में ग्रामीणों के आधार से जुड़ी कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया।

Highlights
- ग्राम प्रधान रविंद्र रावत की मांग पर बकोड़ा गांव में आधार सेवा कैंप आयोजित
- आधार ऑपरेटर आदिल ने 10–12 किमी खड़ी चढ़ाई पैदल तय की
- सिर पर प्रिंटर और अन्य उपकरण लेकर पहुंचे गांव
- ग्रामीणों के आधार अपडेट और मोबाइल लिंकिंग की समस्याएं मौके पर हल
- दूरस्थ गांव के लोगों को शहर जाने से मिली राहत
ग्राम प्रधान की पहल पर लगा आधार सेवा कैंप
बकोड़ा गांव पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र में स्थित है, जहां सड़क जैसी सुविधाएं सीमित हैं। गांव के लोगों को आधार से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी शहर जाना पड़ता था।
इसी समस्या को देखते हुए ग्राम प्रधान रविंद्र रावत ने प्रशासन को पत्र भेजकर गांव में आधार सेवा कैंप लगाने की मांग की, जिसके बाद प्रशासन के निर्देश पर यह कैंप आयोजित किया गया।

चंपावत: उत्तराखंड के चंपावत जिले का दूरस्थ ग्राम सभा बकोड़ा आज भी सड़क, चिकित्सा और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। यहां के ग्रामीणों को छोटी-छोटी जरूरतों, जैसे आधार कार्ड में मोबाइल नंबर लिंक कराने या बायोमेट्रिक अपडेट के लिए 40 से 50 किलोमीटर दूर चंपावत या टनकपुर की दौड़ लगानी पड़ती थी। रास्ते में सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को मीलों का सफर पैदल ही नापना पड़ता है।
ग्रामीणों की इसी पीड़ा को समझते हुए ग्राम प्रधान रविंद्र रावत ने प्रशासन को पत्र लिखकर गांव में ही आधार कैंप लगाने की मांग की। उनकी इस मांग पर त्वरित संज्ञान लेते हुए, उत्तराखंड सरकार के ‘जन-जन की सरकार आपके द्वार’ अभियान के तहत जिला प्रशासन (DM) और सीनियर DPO के सख्त निर्देशों पर गांव के विद्यालय में एक विशेष आधार शिविर का आयोजन किया गया।

इस शिविर को सफल बनाने के लिए आधार टीम ने चूका से लेकर बकोड़ा तक 10 से 12 किलोमीटर की दुर्गम और खड़ी चढ़ाई पैदल ही पार की। अदम्य साहस और सेवाभाव का परिचय देते हुए आधार ऑपरेटर आदिल अपने सिर पर प्रिंटर और अन्य उपकरण लेकर गांव तक पहुंचे। इस कैंप में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और अपनी आधार से जुड़ी समस्याएं मौके पर ही सुलझाईं।
तो यह था एक सराहनीय प्रयास, जहां कठिन पहाड़ी रास्तों के बावजूद गांव के लोगों की सुविधा के लिए आधार सेवा कैंप लगाया गया। निश्चित रूप से यह कदम दूरस्थ क्षेत्रों में रह रहे ग्रामीणों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
चम्पावत से साहिल परवेज की रिपोर्ट।



