Homeट्रैवलAkanksha Singh: ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह का UPSC में जलवा!...

Akanksha Singh: ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह का UPSC में जलवा! शानदार रैंक लाकर रोशन किया नाम


Bihar

oi-Kumari Sunidhi Raj

Akanksha Singh: बिहार की मेधा ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम में भोजपुर जिले के आरा की रहने वाली आकांक्षा सिंह ने शानदार सफलता दर्ज की है।

आकांक्षा ने अखिल भारतीय स्तर पर 301वीं रैंक (AIR 301) हासिल कर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे बिहार का मान बढ़ाया है। रणवीर सेना के संस्थापक रहे दिवंगत ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा की इस उपलब्धि से उनके पैतृक आवास और पूरे इलाके में खुशी की लहर है। उनकी सफलता ने साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर परिश्रम से किसी भी बड़े लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

Brahmeshwar Mukhiya Akanksha Singh

दादा का सपना और संकल्प की कहानी

आकांक्षा के पिता इंदु भूषण सिंह और मां रिंकू सिंह बेटी की इस उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे हैं। परिवार के अनुसार, यह सफलता ब्रह्मेश्वर मुखिया के एक पुराने सपने के पूरा होने जैसा है, जो चाहते थे कि उनके घर का कोई सदस्य प्रशासनिक सेवा में जाकर देश की सेवा करे। आकांक्षा ने अपनी मेहनत से इस सपने को हकीकत में बदल दिया है।

ये भी पढ़ें: UPSC 2025 Results Girls Topper: बेटियों का दमदार प्रदर्शन! टॉप 10 में जगह बनाने वाली 3 लड़कियां कौन?

संघर्ष और शिक्षा का सफर

आकांक्षा की प्रारंभिक शिक्षा आरा के कैथोलिक मिशन स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने एचडी जैन कॉलेज, आरा से अंग्रेजी साहित्य में ग्रेजुएशन पूरा किया। कॉलेज के दिनों में ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का ठोस निर्णय ले लिया था। अपनी तैयारी को धार देने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। आकांक्षा बताती हैं कि यूपीएससी एक लंबी धैर्य की परीक्षा है, जिसमें उन्होंने रोज 8 से 10 घंटे पढ़ाई को समर्पित किए।

इंटरव्यू में दिखाया आत्मविश्वास

आकांक्षा का कहना है कि उन्होंने सफलता के लिए अपने लक्ष्य पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित रखा था। फिलहाल उन्हें भारतीय राजस्व सेवा (IRS) मिली है, लेकिन उनका अगला लक्ष्य भारतीय विदेश सेवा (IFS) में चयनित होना है।

अपने यूपीएससी इंटरव्यू के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि यह काफी रोचक रहा। इंटरव्यू बोर्ड ने उनसे गृह जिले भोजपुर से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे। बोर्ड ने उनसे हालिया पद्म पुरस्कारों के संदर्भ में भोजपुर के प्रसिद्ध लोकगायक भरत सिंह भारती के बारे में भी पूछा, जिन्हें कला और लोक संगीत के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। आकांक्षा ने इन सभी सवालों का जवाब पूरे आत्मविश्वास और सहजता के साथ दिया, जिससे बोर्ड के सदस्य काफी प्रभावित हुए।

कौन थे ब्रह्मेश्वर मुखिया?

ब्रह्मेश्वर मुखिया (ब्रह्मेश्वर सिंह), बिहार के भोजपुर जिले के एक चर्चित और विवादास्पद व्यक्तित्व थे, जिन्हें ‘रणवीर सेना’ के संस्थापक के रूप में जाना जाता है। 1990 के दशक में बिहार में बढ़ते जातीय संघर्षों और नक्सली गतिविधियों के बीच रणवीर सेना का गठन हुआ था। ब्रह्मेश्वर मुखिया इस संगठन के मुख्य चेहरा थे, जिसे मुख्य रूप से जमींदार वर्ग के हितों की रक्षा करने वाले एक सशस्त्र संगठन के रूप में देखा जाता था।

उस दौर में रणवीर सेना और राज्य के विभिन्न वामपंथी संगठनों के बीच खूनी संघर्ष की कई घटनाएं सामने आई थीं, जिसने पूरे बिहार को झकझोर दिया था। जून 2012 में आरा में उनकी हत्या कर दी गई, जिसके बाद पूरे राज्य में भारी विरोध प्रदर्शन हुए थे। आज भी ब्रह्मेश्वर मुखिया का नाम बिहार के उस दौर के सामाजिक और राजनीतिक इतिहास के पन्नों में प्रमुखता से दर्ज है।

With AI Inputs

ये ही पढ़ें: UPSC टॉपर्स की सफलता के पीछे छिपा है उनके माता-पिता का साथ, अनुज से आकांश तक, क्या करते हैं इनके पेरेंट्स?



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments