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Arunachal Forest Fire: अरुणाचल के जंगलों में भीषण आग, IAF ने ‘ऑपरेशन पासीघाट’ चला कर बचाए रिहायशी इलाके


India

oi-Puja Yadav

Arunachal Pradesh Pasighat Forest Fire: अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट जिले के मेबो (Mebo) और सिगार (Sigar) क्षेत्रों में लगी भीषण आग ने पिछले 24 घंटों में विकराल रूप ले लिया था। भीषण जंगली आग पर काबू पाने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) ने एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया है।

वायुसेना के Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर ने अपनी ‘ऑपरेशनल प्रिसिजन’ और त्वरित कार्रवाई का लोहा मनवाते हुए रिहायशी इलाकों को खाक होने से बचा लिया। सूखी पत्तियों और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से रिहायशी बस्तियों की ओर बढ़ रही थी।

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स्थिति को देखते हुए राज्य प्रशासन ने भारतीय वायुसेना से मदद मांगी, जिसके बाद वायुसेना ने तत्काल अपना मोर्चा संभाला।

Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर बना संकट का साथी

भारतीय वायुसेना ने इस मिशन के लिए अपने सबसे भरोसेमंद और शक्तिशाली Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर को तैनात किया। इस हेलीकॉप्टर ने पासीघाट के कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में उड़ान भरी और आग के केंद्र (Hotspots) को निशाना बनाया। हेलीकॉप्टर में विशेष ‘बंबी बकेट’ (Bambi Bucket) का उपयोग किया गया, जिसकी मदद से पास के जल स्रोतों से पानी भरकर सीधे आग की लपटों पर गिराया गया।

कैसे शुरु हुआ ऑपरेशन? 66,000 लीटर पानी का छिड़काव

वायुसेना द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह मिशन बेहद सटीक और चुनौतीपूर्ण था। हेलीकॉप्टर ने एक के बाद एक कई चक्कर (Sorties) लगाए ताकि आग की तीव्रता को कम किया जा सके। ऑपरेशन के दौरान कुल 66,000 लीटर पानी आग प्रभावित क्षेत्रों में गिराया गया। वायुसेना की इस Water Bombing के कारण आग के फैलाव को न केवल रोका गया, बल्कि पास के गांवों और मानवीय बस्तियों को बड़ी तबाही से सुरक्षित बचा लिया गया।

वायुसेना ने अपने ट्वीट में कहा कि यह ऑपरेशन पासीघाट के दुर्गम इलाकों में उनकी ‘रैपिड रिस्पॉन्स’ (त्वरित प्रतिक्रिया) और ‘ऑपरेशनल प्रिसिजन’ (सटीक परिचालन) का प्रमाण है। धुएं और पहाड़ी बाधाओं के बीच इतनी कम ऊंचाई पर उड़ान भरकर आग बुझाना पायलटों के लिए एक कड़ी परीक्षा थी।

लगातार बढ़ रहा जंगल की आग का खतरा

अरुणाचल प्रदेश में इस मौसम में जंगल की आग (Forest Fire) की घटनाएं आम हैं, लेकिन रिहायशी इलाकों के करीब आग लगना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया था। स्थानीय लोगों ने वायुसेना की इस समय पर की गई मदद के लिए उनका आभार व्यक्त किया है।

भारतीय वायुसेना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे केवल सीमाओं की रक्षा ही नहीं करते, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के समय देश के नागरिकों के लिए ‘फरिश्ता’ बनकर सामने आते हैं। मेबो और सिगार के जंगलों में लगी आग अब नियंत्रण में है और वायुसेना की टीमें अभी भी सतर्क बनी हुई हैं।



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