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Assam Politics: सांसद प्रद्युत बोरदोलोई बीजेपी में शामिल, प्रदेश में चुनाव से पहले कांग्रेस को करारा झटका


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oi-Smita Mugdha

Assam Politics: असम की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने सुबह कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया था। कुछ ही घंटों में उन्होंने बीजेपी ज्वाइन कर ली। सीएम हिमंता बिस्वा सरमा और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली। बोरदोलोई का बीजेपी में शामिल होना आगामी चुनावों से पहले पार्टी के लिए बड़ी मजबूती माना जा रहा है। वह दिसपुर सीट से चुनाव लड़ेंगे।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस कदम से असम में बीजेपी की स्थिति और मजबूत हो सकती है, जबकि विपक्ष को झटका लगा है। इस घटनाक्रम ने राज्य की सियासत को गर्मा दिया है और आने वाले दिनों में इसके बड़े राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं। उनके बीजेपी ज्वाइन करने पर प्रतिक्रियाओं का दौर भी जारी है।

Assam Politics Pradyut Bordoloi

Pradyut Bordoloi ने कांग्रेस पर लगाया अपमान का आरोप

कांग्रेस से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल होने पर सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी छोड़ने का कोई एक कारण नहीं है। मैं घुटन महसूस कर रहा था और मेरा अपमान किया जा रहा था। 13 मार्च को असम CEC की बैठक हुई थी। मुझे पता चला कि इमरान मसूद जैसे एक सांप्रदायिक नेता ने मेरे खिलाफ आरोप लगाए।’

उन्होंने कहा कि जिस उम्मीदवार का मैंने विरोध किया था और जिसके खिलाफ मैंने आपराधिक संबंधों के सबूत दिए थे, उसके बारे में मेरी सारी बातें झूठी और मनगढ़ंत हैं। इमरान मसूद ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में यह कहने की हिम्मत दिखाई कि प्रद्युत बोरदोलोई द्वारा कही गई सभी बातें झूठी हैं। वहां मौजूद APCC अध्यक्ष भी चुप रहे। इससे मुझे बहुत ठेस पहुंची।’

Assam Politics: प्रियंका गांधी बोलीं, ‘बातचीत का मौका नहीं मिला’

असम कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में से एक रहे प्रद्युत बोलदोलोई के इस्तीफे पर प्रियंका गांधी ने निराशा जताई। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उनका पार्टी छोड़ना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है। प्रद्युत बड़े जनाधार वाले नेता माने जाते हैं और बीजेपी की लहर के बावजूद वह चुनाव जीतने में कामयाब रहे थे। प्रियंका गांधी ने कहा कि उनका इस तरीके से पार्टी छोड़ना निराशाजनक है। इस पर ज्यादा कुछ नहीं कह सकती हूं, लेकिन अगर बातचीत का मौका मिलता तो शायद स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती।



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