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Bihar News: प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीव और झील-झरनों की ओर बढ़ रहा पर्यटकों का रुझान, बिहार बन रहा इको टूरिज्म हब


बिहार वाल्मीकि टाइगर रिजर्व और राजगीर नेचर सफारी जैसे प्रमुख वन्यजीव अभ्यारण्यों, झीलों और पार्कों का विकास करके तेजी से इको-टूरिज्म का विस्तार कर रहा है। बेहतर बुनियादी ढांचा और सुविधाएं घरेलू और अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों को आकर्षित कर रही हैं, जिससे पर्यटन वृद्धि और स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं, साथ ही प्राकृतिक विरासत के संरक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है।

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-Oneindia Staff

बिहार में इको टूरिज्म का तेजी से विस्तार हो रहा है और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर स्थल अब पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं। वन्यजीव अभ्यारण्य, झील, जलप्रपात, पहाड़ और बांध जैसे प्राकृतिक स्थल न सिर्फ देश बल्कि विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहे हैं।

Bihar Eco-Tourism Expands

राज्य सरकार इन स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। बेहतर सड़क, आवास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से इन पर्यटन स्थलों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। आने वाले समय में बिहार देश के प्रमुख इको टूरिज्म गंतव्यों में शामिल हो सकता है।

पश्चिम चंपारण स्थित Valmiki Tiger Reserve राज्य का प्रमुख इको टूरिज्म स्थल बनकर उभरा है। लगभग 901 वर्ग किलोमीटर में फैले इस क्षेत्र में बंगाल टाइगर, तेंदुआ, भालू, हिरण और नीलगाय सहित 250 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं। इसके अलावा अमवा मन झील और उदयपुर वन्यजीव अभ्यारण्य भी प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित कर रहे हैं।

भागलपुर स्थित Vikramshila Gangetic Dolphin Sanctuary गंगा डॉल्फिन के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है, जहां पर्यटक डॉल्फिन को उनके प्राकृतिक आवास में देख सकते हैं। वहीं मुंगेर का भीमबांध वन्यजीव अभ्यारण्य घने जंगलों और पहाड़ियों के लिए जाना जाता है।

नालंदा जिले का Rajgir Nature Safari और जू सफारी, साथ ही घोड़ा कटोरा झील पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। राजगीर का ग्लास स्काई वॉक भी एक खास आकर्षण बन चुका है। नवादा का ककोलत जलप्रपात, रोहतास के तुतला भवानी, मांझर कुंड और धुआं कुंड जैसे स्थल भी प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं।

जमुई का नागी-नकटी पक्षी अभ्यारण्य, बांका का ओढ़नी बांध, कैमूर का कैमूर वन्यजीव अभ्यारण्य और करकटगढ़ जलप्रपात जैसे स्थल भी तेजी से इको टूरिज्म के रूप में विकसित हो रहे हैं। बेगूसराय की Kanwar Lake और दरभंगा का कुशेश्वर स्थान पक्षी अभ्यारण्य प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध हैं, जहां सर्दियों में हजारों पक्षी दूर देशों से पहुंचते हैं।

इसके अलावा गया का गौतम बुद्ध वन्यजीव अभ्यारण्य और पटना स्थित Sanjay Gandhi Biological Park भी इको टूरिज्म के महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के विकास के साथ बिहार इको टूरिज्म के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान बना रहा है, जिससे पर्यटन और स्थानीय रोजगार दोनों को बढ़ावा मिल रहा है।



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