सरकार ने स्वास्थ्य बीमा के मामले में कैशलेस निपटान के लिए समय सीमा तय कर दी है। इसके तहत, स्वास्थ्य बीमा कंपनियों को कैशलेस प्री-ऑथराइजेशन को एक घंटे के भीतर और फाइनल ऑथराइजेशन को तीन घंटे के भीतर मंजूरी देनी होगी।
वित्त मंत्रालय ने कहा, इन समय सीमाओं का मकसद देरी को कम करना और यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को समय पर मेडिकल देखभाल मिल सके। हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम में बढ़ोतरी हुई है, जिसके पीछे पॉलिसीधारकों की बढ़ती उम्र, ज्यादा कवरेज और बेहतर फीचर्स जैसे कई कारण हैं।
बीमा प्रीमियम 1.2 लाख करोड़ के पार
भारत का स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, 2024-25 में कुल स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम 1.2 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया है। यह सेक्टर करीब 9 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। इस बढ़त की मुख्य वजह लोगों में स्वास्थ्य बीमा के प्रति बढ़ती जागरूकता, इलाज के बढ़ते खर्च और वित्तीय सुरक्षा की जरूरत है। पॉलिसीधारकों को समय पर सहायता सुनिश्चित करने के लिए इरडा ने कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस दावों की प्रोसेसिंग के लिए खास समय सीमा तय की है।
एलियांज जियो रीइंश्योरेंस ने भारत में शुरू किया काम
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और एलियांज समूह के संयुक्त उद्यम एलियांज जियो रीइंश्योरेंस ने भारत में कारोबार शुरू कर दिया है। इस कंपनी को भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण से 12 मार्च 2026 को अंतिम मंजूरी मिली थी। यह कंपनी जियो फाइनेंशियल की मजबूत डिजिटल पहुंच और एलियांज की वैश्विक बीमा विशेषज्ञता को मिलाकर काम करेगी।
इन्फोसिस 5,260 करोड़ में खरीदेगी दो कंपनियां
इन्फोसिस ने हेल्थकेयर और इंश्योरेंस सेक्टर में पकड़ मजबूत करने के लिए 5,260 करोड़ में दो विदेशी कंपनियों को खरीदने का ऐलान किया है। इन्फोसिस ऑप्टिमम हेल्थकेयर को 3,800 करोड़ में खरीदेगी, जो हेल्थकेयर डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और कंसल्टिंग के लिए जानी जाती है। आईटी दिग्गज 790 करोड़ में स्ट्रैटस नाम की एक और कंपनी भी खरीदेगी।
गूगल इंडिया की विधि प्रमुख का इस्तीफा
टेक कंपनी गूगल को भारत में एक और बड़ा झटका लगा है। कंपनी की इंडिया हेड लीगल काउंसल बिजोया रॉय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने निजी कारणों से इस्तीफा दिया और अब वह अपना नया वेंचर शुरू करना चाहती हैं। हालांकि, कंपनी की ओर से इस पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। यह इस्तीफा ऐसे समय आया है जब गूगल भारत में कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है।
चीनी पेपरबोर्ड पर लग सकता है एंटी-डंपिंग शुल्क
भारत सरकार ने चीन और इंडोनेशिया से आयात हो रहे सस्ते पेपरबोर्ड पर जांच शुरू कर दी है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो सरकार एंटी-डंपिंग शुल्क लगा सकती है, ताकि घरेलू उद्योग को राहत मिल सके। इन आयातों से देश की घरेलू कंपनियों को नुकसान हो रहा है। वाणिज्य मंत्रालय की जांच एजेंसी डीजीटीआर ने भारतीय पेपर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन की शिकायत के बाद यह कार्रवाई शुरू की है।



