देश में बिजली की मांग फरवरी में लगभग 2 प्रतिशत बढ़कर 133 अरब यूनिट (BU) पर पहुंच गई, जो पिछले साल इसी महीने के 131 अरब यूनिट की तुलना में अधिक है। यह फरवरी महीने के लिए कम से कम 2010 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। क्रिसिल इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के मुताबिक, कई हिस्सों में सामान्य से अधिक न्यूनतम और अधिकतम तापमान दर्ज होने के कारण कूलिंग की जरूरत बढ़ी, जिससे बिजली की खपत में इजाफा हुआ।



