मुंबई की विशेष अदालत ने ₹117 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पुणे के कारोबारी अमित थेपड़े को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आर्थिक अपराध देश की वित्तीय सेहत के लिए गंभीर खतरा हैं।
विशेष पीएमएलए कोर्ट के जज आरबी रोटे ने 20 मार्च को सुनवाई के दौरान कहा कि आरोपी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर पर्याप्त सामग्री मौजूद है। अदालत ने यह भी माना कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज बयानों से अभियोजन का मामला मजबूत बनता है।
करीब सात महीने पहले गिरफ्तार किए गए अमित थेपड़े को मामले में राहत नहीं मिली। कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्य आरोपी को सीधे तौर पर अपराध से जोड़ते हैं, ऐसे में जमानत देना उचित नहीं होगा। अदालत की टिप्पणी में यह भी स्पष्ट किया गया कि इस तरह के आर्थिक अपराध न सिर्फ कानून व्यवस्था बल्कि देश की आर्थिक स्थिरता के लिए भी बड़ा खतरा पैदा करते हैं।



