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BJD MLA suspension: नवीन पटनायक ने एक झटके में 6 विधायकों को पार्टी से निकाला, हिल गई पूरी ओडिशा पॉलिटिक्स!


India

oi-Sumit Jha

BJD MLA suspension: ओडिशा की राजनीति में एक बड़ी हलचल देखने को मिली है। बीजू जनता दल (BJD) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने पार्टी के खिलाफ जाकर काम करने वाले 6 विधायकों को तुरंत प्रभाव से पार्टी से निलंबित (Suspend) कर दिया है।

यह कार्रवाई राज्यसभा चुनाव के दौरान इन विधायकों द्वारा किए गए ‘क्रॉस-वोटिंग’ (पार्टी के निर्देश के खिलाफ वोट देना) के आरोप में की गई है। पार्टी की अनुशासन समिति की बैठक के बाद यह कड़ा फैसला लिया गया, जिससे साफ संदेश दिया गया है कि पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

BJD MLA suspension


क्यों हुई इन विधायकों पर कार्रवाई?

हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान इन विधायकों पर अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ वोट देने का आरोप लगा है। बीजू जनता दल का कहना है कि इन नेताओं ने पार्टी के संविधान और अनुशासन का उल्लंघन किया है। मुख्य सचेतक (Chief Whip) के नोटिस के बाद जब इनके जवाब संतोषजनक नहीं मिले, तो पार्टी की ‘पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी’ ने इन्हें बाहर का रास्ता दिखाने का निर्णय लिया। यह कदम पार्टी की एकता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

Biju Janata Dal (BJD) suspended 6 MLAs from the party with immediate effect for their involvement in anti-party activities, including cross-voting in the recent election to the Rajya Sabha pic.twitter.com/bdkWIslrr0

— ANI (@ANI) March 21, 2026 “>

किन विधायकों के नाम हैं शामिल?

निलंबित किए गए विधायकों में चक्रमणि कान्हार (बालीगुडा), नबा किशोर मल्लिक (जयदेव), सौविक बिस्वाल (चौद्वार-कटक), सुबासिनी जेना (बस्ता), रमाकांत भोई (तिर्तोल) और देवी रंजन त्रिपाठी (बांकी) के नाम शामिल हैं। इन सभी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है। ये सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभाव रखते हैं, लेकिन क्रॉस-वोटिंग के गंभीर आरोप ने इनके राजनीतिक भविष्य पर फिलहाल सवालिया निशान लगा दिया है।

ये भी पढ़ें: क्रॉस वोटिंग के लिए 5 करोड़ का ऑफर! राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने BJP पर लगाए खरीद-फरोख्त के आरोप

नवीन पटनायक का कड़ा संदेश

बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक ने इस फैसले से यह साफ कर दिया है कि पार्टी के सिद्धांतों से समझौता नहीं होगा। नवीन पटनायक को एक शांत लेकिन सख्त नेता माना जाता है। इस कार्रवाई के जरिए उन्होंने पार्टी के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी है कि वे ‘पार्टी लाइन’ से बाहर न जाएं। पार्टी का मानना है कि सामूहिक निर्णयों के प्रति वफादारी ही संगठन की असली ताकत है और इसे तोड़ने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।

ओडिशा की राजनीति पर असर

एक साथ 6 विधायकों के निलंबन से ओडिशा की राजनीति में गरमा-गर्मी बढ़ गई है। विपक्षी दल इसे बीजेडी की अंदरूनी कलह बता रहे हैं, जबकि बीजेडी इसे ‘सफाई अभियान’ कह रही है। इस घटना से आने वाले दिनों में विधानसभा के भीतर समीकरण बदल सकते हैं। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि क्या ये निलंबित विधायक किसी दूसरी पार्टी का दामन थामेंगे या निर्दलीय रहकर अपनी राजनीति जारी रखेंगे। जनता की नजरें अब अगले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हैं।





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