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Britain In Iran War: ब्रिटिश PM को सता रहा मारग्रेट थैचर वाला डर, खुलवाएंगे होर्मुज? ट्रंप से बनाई दूरी


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oi-Siddharth Purohit

Britain In Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म होने का नाम नहीं ले रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने NATO सहयोगियों से इसमें मदद करने के लिए कहा तो सब ने हाथ खींच लिए। वहीं अब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने 35 देशों (यूरोपियन यूनियन) का एक अलग गुट बना लिया है जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने या फिर इसके दूसरे विकल्प का रास्ता तैयार करेगा। खास बात ये है कि इसमें से अमेरिका को बाहर रखा है।

ब्रिटेन युद्ध में कूदने से कर दिया था मना

यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका और यूके के बीच रिश्तों में तनाव बढ़ गया है। वजह यह है कि ब्रिटेन ने ईरान के खिलाफ युद्ध में और ज्यादा शामिल होने से इनकार कर दिया है। अपने भाषण में स्टार्मर ने कहा कि इस संघर्ष का असर यूके पर जरूर पड़ेगा, लेकिन सरकार लोगों की मदद के लिए कदम उठा रही है।

Britain In Iran War

पेट्रोल-डीजल पर साफ-साफ बताने का दबाव

यूके में विपक्षी पार्टियां लगातार सरकार से सवाल कर रही हैं कि बढ़ती ऊर्जा लागत से लोगों को कैसे बचाया जाएगा। लिबरल डेमोक्रेट्स ने ऊर्जा बिल बढ़ाने से रोकने की मांग की है, जबकि ग्रीन पार्टी चाहती है कि जुलाई से पहले ही अरबों पाउंड की सब्सिडी देने का ऐलान किया जाए, क्योंकि तब रेट दोबारा तय होगा।

ऐसा क्यों कर रहा यूके?

एक्सपर्ट की मानें तो वहां भारत की तरह नहीं होता, कि जब सरकार की मर्जी हो तेल और गैस के दाम बढ़ाए जा सकते हैं, साथ ही जनता या विपक्ष को जवाब देने की भी जरूरत नहीं है। अचानक बढ़ी महंगाई पर ब्रिटिश प्रधानमंत्रियों को जवाब और कई मामलों में इस्तीफा दोनों देने पड़े हैं। जेम्स कैल्हन 1976 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने थे। लेकिन उनके कार्यकाल के शुरू होते ही महंगाई बड़ी, जिसको लेकर मजदूरों ने हड़ताल शुरू कर दी। इसके जवाब में कैल्हन ने वेतन पर कंट्रोल किया और बाद में कार्यकाल पूरा किए बिना ही 1979 में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।

थैचर भी हुईं थी महंगाई की शिकार

इसके अलावा एक और उदाहरण मारग्रेट थैचर का है जिन्हें पोल टैक्स और महंगाई की वजह से 1990 में इस्तीफा देना पड़ा था। कुछ ऐसा ही जॉन मेजर और लिज ट्रस के साथ हो चुका है। इसलिए कीर स्ट्रार्मर को इसी बात का डर है। अगर युद्ध जारी रहता है तो ब्रिटेन जुलाई में महंगाई का सामना करेगा और वहां गैस-तेल के दाम बढ़ने की आशंका है।

35 देशों की बैठक, होर्मुज को खोलने पर चर्चा

इस बीच यूके के विदेश सचिव 35 देशों की बैठक कर रहे हैं, जिसमें यूरोप और खाड़ी देश शामिल हैं। स्टार्मर ने कहा कि इस बैठक में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को युद्ध खत्म होने के बाद सुरक्षित और चालू करने के तरीकों पर बात होगी। उन्होंने माना कि यह आसान नहीं होगा, लेकिन यह यूके के हित में है। क्योंकि होर्मुज के बंद होने से ही तेल के दाम बढ़े हैं, हालांकि यूके में तेल के दाम जुलाई में बढ़ने की आशंका है, जिसको लेकर अभी से घबराहट लाजमी है।

ट्रंप की आलोचना के बीच UK का रुख

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में स्टार्मर की आलोचना की थी, क्योंकि उन्होंने अमेरिका को ईरान के खिलाफ हमलों के लिए यूके के ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी थी। बावजूद इसके स्टार्मर थोड़ा नरम रुख लेकर चल रहे हैं।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।



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