प्रधानमंत्री मोदी ने ‘आर्थिक विकास को सतत बनाए रखना और उसे मजबूत करना’ विषय पर आयोजित पोस्ट-बजट वेबिनार को मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनी हुई है।
आपूर्ति शृंखला को लेकर क्या बोले पीएम?
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वैश्विक आपूर्ति शृंखलाएं पुनर्गठित हो रही हैं, ऐसे समय में भारत की तेज आर्थिक प्रगति विकसित भारत के लक्ष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की दिशा और संकल्प दोनों स्पष्ट हैं। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने ‘अधिक निर्माण करें, अधिक उत्पादन करें, अधिक कनेक्ट करें’ पर जोर देकर कहा गया कि अब समय ‘अधिक निर्यात’ का है।
उत्पादों की गुणवत्ता से समझौता न किया जाए
मोदी ने कहा कि अब समय है कि भारत अनुसंधान में बड़े पैमाने पर निवेश करे और वैश्विक मानकों के अनुरूप गुणवत्ता सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि भारत ने कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, जिससे अवसरों के नए द्वार खुले हैं। ऐसे में यह देश की जिम्मेदारी है कि उत्पादों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न किया जाए।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि अगर किसी एक क्षेत्र पर अधिकतम ऊर्जा, बुद्धिमत्ता और संसाधन केंद्रित करने हैं, तो वह गुणवत्ता होनी चाहिए। भारतीय उत्पाद न केवल अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरें, बल्कि उन्हें पीछे भी छोड़ें।
पीएम ने उद्योग जगत से क्या कहा?
उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वे अन्य देशों की जरूरतों और वहां के उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं का गहन अध्ययन करें। उन आवश्यकताओं को समझकर उपयोगकर्ता-अनुकूल उत्पाद विकसित किए जाएं, तभी मुक्त व्यापार समझौतों से मिलने वाले अवसरों का पूरा लाभ उठाया जा सकेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौतों के साथ विकास का राजमार्ग तैयार है और अब भारतीय उद्योग को इस पर तेज गति से आगे बढ़ना है।
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