HomeराजनीतिChaitra Navratri 2026 : कितने बजे होगी घटस्थापना? क्या है मुहूर्त?

Chaitra Navratri 2026 : कितने बजे होगी घटस्थापना? क्या है मुहूर्त?


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oi-Ankur Sharma

Chaitra Navratri 2026: 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि प्रारंभ हो गए हैं, जिसमें मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इसी से नवरात्रि पूजन की शुरुआत होती है।

कहते हैं इन दिनों जो भी मां दुर्गा की पूजा सच्चे मन से करता है उसे सुख-शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस बार घटस्थापना के दो खास मुहूर्त हैं जो कि निम्नलिखित हैं।

Chaitra Navratri 2026

Chaitra Navratri 2026 Date and Muhurat: कितने बजे होगी कलश स्थापना?

  • सुबह में कलश स्थापना मुहूर्त: 6:52 बजे से 7:43 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त 12:05 बजे से 12:53 बजे तक

Chaitra Navratri 2026 Puja Vidhi: कैसे करें चैत्र नवरात्रि की पूजा?

नवरात्रि की पूजा शुरू करने पर सबसे पहले घर के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में साफ-सफाई करें।एक पात्र में मिट्टी डालकर उसमें जौ बो दें।कलश में गंगाजल और पानी भरें, उसमें सुपारी, लौंग, इलायची डालें। कलश के मुंह पर आम के पत्ते रखें और उसके ऊपर नारियल (लाल कपड़े में लपेटकर) रखें, दीप जलाएं, “ॐ दुं दुर्गायै नमः” मंत्र का जाप करें। मां को भोग लगाएं और आरती करें।

Ghatasthapana Significance: क्यों होती है घटस्थापना?

नवरात्रि में घटस्थापना को मां दुर्गा का घर में आगमन माना जाता है।कलश में स्थापित जल को देवी शक्ति का प्रतीक माना जाता है। जौ बोने से घर में समृद्धि और खुशहाली आती है। यह पूजा नए कार्यों की शुभ शुरुआत के लिए बेहद फलदायी मानी जाती है।

Nav Durga Puja :कौन-कौन से हां मां दुर्गा के 9 रूप?

दिन 1 – मां शैलपुत्री

  • रूप: पर्वतराज हिमालय की पुत्री
  • पूजा: घी का भोग लगाएं
  • फल: स्वास्थ्य और शक्ति प्राप्त होती है

दिन 2 – मां ब्रह्मचारिणी

  • पूजा: शक्कर और मिश्री का भोग
  • फल: तप, संयम और धैर्य की प्राप्ति

दिन 3 – मां चंद्रघंटा

  • पूजा: दूध या खीर का भोग
  • फल: भय से मुक्ति और साहस

दिन 4 – मां कूष्मांडा

  • पूजा: मालपुआ या मीठा भोग
  • फल: सुख-समृद्धि और आयु वृद्धि

दिन 5 – मां स्कंदमाता

  • पूजा: केले का भोग
  • फल: संतान सुख और शांति

दिन 6 – मां कात्यायनी

  • पूजा: शहद का भोग
  • फल: विवाह योग और सौंदर्य

दिन 7 – मां कालरात्रि

  • पूजा: गुड़ या गुड़ से बने प्रसाद
  • फल: नकारात्मक शक्तियों से रक्षा

दिन 8 – मां महागौरी (अष्टमी)

  • पूजा: नारियल और हलवा-पूरी
  • विशेष: कन्या पूजन (कन्याओं को भोजन कराएं)
  • फल: मनोकामना पूर्ति

दिन 9 – मां सिद्धिदात्री (नवमी)

  • पूजा: तिल और हलवा
  • फल: सिद्धि और सफलता

DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी बात को अमल में लाने से पहले किसी पंडित या ज्योतिषी से जरूर बातें करें।



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