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Chaitra Purnima 2026 Kab Hai: कब है चैत्र पूर्णिमा? इस दिन क्या करें और क्या ना करें?


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oi-Ankur Sharma

Chaitra Purnima 2026 Kab Hai: हिंदू धर्म में चैत्र पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस बार ये पावन दिन 2 अप्रैल को है, पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 को सुबह 07:06 बजे हो गई है और इसका समापन 2 अप्रैल 2026 को सुबह 07:41 बजे होगा, उदयातिथि मान्य होने के कारण पूर्णिमाकल है, हालांकि कुछ स्थानों पर आज भी लोग पूर्णिमा की पूजा कर रहे हैं।

इस दिन व्रत, स्नान, दान और पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान विष्णु और चंद्र देव की पूजा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इससे जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

Chaitra Purnima 2026 Kab Ha

आपको बता दें कि उत्तर भारत में चैत्र पूर्णिमा के दिन हनुमान जयंती भी मनाई जाती है। भक्त इस दिन भगवान हनुमान की पूजा कर शक्ति और साहस की कामना करते हैं। पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

चैत्र पूर्णिमा पर क्या करें और क्या न करें?

चैत्र पूर्णिमा पर दान-पुण्य करें , गरीबों की मदद करें तो वहीं क्रोध और विवाद से बचें, नकारात्मक विचार न रखें और ना ही किसी की निंदा करें, मांसाहारी भोजन और मदिरा से भी दूर रहें। पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से माता प्रसन्न होती हैं और भक्तों पर प्रेम लुटाती हैं, जिससे उसके धनवैभव की कोई कमी नहीं होती है इसलिए इस दिन मां लक्ष्मी की आरती जरूर करनी चाहिए।

चैत्र पूर्णिमाा 2026 पर जरूर करें मां लक्ष्मी की आरती

  • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
  • तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥
  • ॐ जय लक्ष्मी माता…
  • उमा, रमा, ब्रम्हाणी, तुम ही जग माता।
  • सूर्य चद्रंमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
  • ॐ जय लक्ष्मी माता…
  • दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।
  • जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
  • ॐ जय लक्ष्मी माता…
  • तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।
  • कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥
  • ॐ जय लक्ष्मी माता…
  • जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
  • सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥
  • ॐ जय लक्ष्मी माता…
  • तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
  • खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥
  • ॐ जय लक्ष्मी माता…
  • शुभ गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि जाता।
  • रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥
  • ॐ जय लक्ष्मी माता…
  • महालक्ष्मी जी की आरती, जो कोई जन गाता।
  • उर आनंद समाता, पाप उतर जाता॥
  • ॐ जय लक्ष्मी माता…
  • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
  • तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥
  • ॐ जय लक्ष्मी माता…

DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी बात को अमल में लाने से पहले किसी पंडित या ज्योतिषी से जरूर बातें करें।



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