Homeव्यवसायChatGPT को पछाड़ा! भारत में इस सरकारी ऐप ने रातों-रात बनाया नया...

ChatGPT को पछाड़ा! भारत में इस सरकारी ऐप ने रातों-रात बनाया नया रिकॉर्ड, वजह जानकर चौंक जाएंगे!


Business

oi-Sohit Kumar

गूगल प्ले स्टोर के चार्ट्स पर एक ऐसी हलचल मची है जिसने दुनिया भर के टेक एक्सपर्ट्स को हैरान कर दिया है। जहां पिछले कई महीनों से ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ का बादशाह ChatGPT पहले पायदान पर अपनी जगह पक्की किए बैठा था, वहीं अचानक भारत के एक सरकारी यूटिलिटी ऐप ने उसे मीलों पीछे छोड़ दिया है।

दरअसल, यह सफलता किसी तकनीकी क्रांति की वजह से नहीं, बल्कि देश में उपजे एक ऐसे गंभीर संकट की वजह से आई है जिसने आम जनता की रसोई से लेकर बड़ी-बड़ी टेक कंपनियों के डाइनिंग हॉल तक हड़कंप मचा दिया है। आइए जानतें हैं अचानक आए इस बदलाव के पीछे का असली सच क्या है?

Indane gas booking app

LPG की किल्लत और ‘डिजिटल’ हाहाकार

देश के कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में भारी गिरावट आई है। डिलीवरी में हो रही देरी और रिफिल बुकिंग के पारंपरिक तरीकों (IVRS और वेबसाइट) के फेल होने के कारण लोगों में दहशत का माहौल है। जब फोन कॉल्स पर ‘सिस्टम एरर’ के संदेश मिलने लगे और आधिकारिक वेबसाइट ठप पड़ गई, तब लाखों हताश ग्राहकों ने एक साथ IndianOil ONE ऐप का रुख किया, जिससे यह ऐप अचानक ट्रेंडिंग चार्ट्स के टॉप पर पहुंच गया।

सिस्टम हुआ फेल, सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा

उपभोक्ताओं का आरोप है कि आईवीआरएस (IVRS) नंबर पर कॉल करते ही कनेक्शन कट जा रहा है। वॉट्सऐप चैनल और वेबसाइट पर भी बुकिंग कैंसल होने की शिकायतें आ रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ‘इण्डेन गैस’ के खिलाफ शिकायतों की बाढ़ आ गई है, जहां लोग बुकिंग के लिए बार-बार आ रहे एरर मैसेज के स्क्रीनशॉट साझा कर रहे हैं।

आईटी दिग्गजों और फूड बिजनेस पर ‘संकट’ की मार

यह समस्या केवल आम घरों तक सीमित नहीं रही है। एलपीजी की कमी का असर भारत के कॉर्पोरेट जगत पर भी पड़ा है। HCLTech जैसी दिग्गज कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए अस्थायी ‘वर्क फ्रॉम होम’ की घोषणा कर दी है, ताकि कैंटीन और ऑफिस ऑपरेशन्स पर दबाव कम किया जा सके।

वहीं, Infosys ने अपने फूड मेनू में कटौती की है। छोटे रेस्तरां और ईटरी मालिक भी गैस की बढ़ती कीमतों और सप्लाई न होने के कारण मेनू से कुछ डिशेज हटाने या कीमतें बढ़ाने पर मजबूर हैं।

LPG संकट की खबरों पर सरकार का बड़ा बयान

देश में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और ऐप रैंकिंग में आए उछाल के बीच अब सरकार और तेल कंपनियों (OMCs) का आधिकारिक बयान सामने आया है। जहां एक ओर लोग सप्लाई रुकने के डर से भारी संख्या में बुकिंग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मंत्रालय ने स्थिति को पूरी तरह कंट्रोल में बताया है।

LPG Crisis: सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित, घबराने की जरूरत नहीं

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ-साथ इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और एचपी ने संयुक्त रूप से स्पष्ट किया है कि देशभर में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर और सुरक्षित है। तेल कंपनियों ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर जारी एक बयान में कहा कि सिस्टम हर घर तक निर्बाध डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की कमी की खबरें केवल अफवाह मात्र हैं।

LPG Crisis: ‘पैनिक बुकिंग’ बन रही है देरी की असली वजह

तेल कंपनियों (OMCs) ने ग्राहकों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि लोग डर के मारे एडवांस या ‘पैनिक बुकिंग’ न करें। कंपनियों के मुताबिक, जब लोग जरूरत से पहले ही सिलेंडर बुक करने लगते हैं या गैस एजेंसियों पर भीड़ लगाते हैं, तो इससे वितरण प्रणाली (Distribution Chain) पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। इसकी वजह से उन लोगों तक सिलेंडर पहुंचने में देरी हो जाती है जिन्हें वास्तव में तुरंत इसकी जरूरत है।

LPG Crisis: घर पर ही होगी डिलीवरी

कंपनियों ने उपभोक्ताओं को याद दिलाया है कि वर्तमान वितरण ढांचा (Distribution Framework) इस तरह बनाया गया है कि किसी को भी डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाने की आवश्यकता नहीं है। ग्राहक अपने घर से ही IVRS, SMS, मोबाइल ऐप, मिस्ड कॉल सेवा या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से रिफिल बुक कर सकते हैं। कंपनियों ने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि जब सबसे कठिन समय था, तब भी रसोई गैस की सप्लाई नहीं रुकी थी, और आज भी टीमें ‘राउंड द क्लॉक’ काम कर रही हैं।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments