बुनियादी ढांचे के विकास पर सरकार के जोर, बढ़ते शहरीकरण और लग्जरी मकानों की बढ़ती मांग के दम पर देश का पेंट उद्योग हर साल 9-10 फीसदी की चक्रवृद्धि दर से बढ़ रहा है। बर्जर पेंट्स इंडिया लि. विकास के इस गति में अपनी स्थिति और मजबूत करने के लिए नई रणनीतियों पर काम कर रहा है। कंपनी लखनऊ समेत यूपी के कई हिस्सों में मार्केट लीडर है। अपनी हिस्सेदारी को मजबूत करने के लिए कंपनी ने लखनऊ के संडीला में एक नई फैक्टरी की स्थापना की है।
क्रूड आपूर्ति संकट के कारण कच्चे माल की लागत बढ़ने के बीच अपनी स्थिति को और मजबूत बनाने के लिए कंपनी की क्या रणनीति है, इस पर बर्जर पेंट्स इंडिया के एमडी-सीईओ अभिजीत रॉय से अमर उजाला के राहुल कांकरिया की खास बातचीत…
यूपी में विकास दर व औद्योगीकरण के मामले में प्रगति काफी तेज
बर्जर पेंट्स के नजरिये से उत्तर प्रदेश कितना महत्वपूर्ण है? उत्तर प्रदेश हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण बाजार है, क्योंकि हम यहां मजबूत खिलाड़ी हैं। यूपी में नई सरकार के आने के बाद से विकास दर और औद्योगिकरण के मामले में काफी प्रगति हुई है। राज्य में खपत में भी सुधार हुआ है। लखनऊ सहित यूपी के कई हिस्सों में हम मार्केट लीडर हैं, जहां हमारी हिस्सेदारी लगभग 50 फीसदी है।
रियल एस्टेट बाजार में चुनौतियों के बीच बर्जर पेंट्स अपनी स्थिति को कैसे मजबूत बनाए हुए है? रियल एस्टेट में चुनौतियां नहीं, बल्कि विकास के अच्छे अवसर हैं। यूपी के प्रमुख शहरी केंद्रों में बड़ी इमारतों का चलन बढ़ा है एवं आने वाले समय में यह और बढ़ेगा। प्रमुख शहरों में फ्लैट्स का चलन बढ़ गया है। हमने बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच भी अपनी बाजार हिस्सेदारी में सुधार किया है, जो हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है।
क्या यूपी या लखनऊ में रिसर्च एंड डेवलपमेंट विभाग स्थापित करने की कोई योजना है?
हमने लखनऊ के संडीला में बड़ी फैक्टरी स्थापित की है, जिसमें एक गुणवत्ता नियंत्रण विभाग और एक छोटा रिसर्च एंड डेवलपमेंट स्टेशन है। यह स्टेशन कोलकाता स्थित हमारे मुख्य रिसर्च एंड डेवलपमेंट केंद्र के साथ तालमेल बिठाकर काम करता है। संडीला प्लांट में हमने विनिर्माण, इंजीनियरिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और सुरक्षा के क्षेत्र में कई कुशल लोगों को नियुक्त किया है, जिससे यूपी के लोगों को रोजगार मिला है।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आपकी मार्केटिंग रणनीतियां कितनी अलग हैं?
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए हमारी दो अलग-अलग रणनीतियां हैं। शहरों में हम डिजिटल मार्केटिंग का अधिक उपयोग करते हैं, जबकि यूपी जैसे राज्यों में टेलीविजन, समाचार पत्र (विशेषकर हिंदी) और क्रिकेट मैचों के दौरान विज्ञापन अधिक प्रभावी होते हैं।
अन्य ब्रांड अब इंटीरियर डेकोरेटिव व डिजाइनर पेंट्स पर ध्यान दे रहे हैं। बर्जर पेंट्स ने क्या नया किया है?
हमने आर्किटेक्ट और इंटीरियर डेकोरेटर्स के लिए अलग टीम बनाई है। यह टीम इंटीरियर डिजाइनर फिनिश, वुड कोटिंग्स और विभिन्न प्रकार के टेक्सचर कोटिंग्स पर ध्यान देती है, जो वॉलपेपर जैसा अनुभव देते हैं। हम जल्द ही उच्च गुणवत्ता वाले विदेशी उत्पादों की विस्तृत शृंखला पेश करेंगे।
पश्चिम एशिया में युद्ध से तेल की कीमतें और परिवहन लागत बढ़ गई है। बर्जर पेंट्स के पास इस स्थिति से निपटने की क्या रणनीति है?
हमारे कच्चे माल का एक बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का ही उप-उत्पाद है। इसलिए, कच्चे माल की कीमतें भी उसी के अनुसार घटती-बढ़ती रहती हैं, जैसे क्रूड के दाम में उतार-चढ़ाव आता है। हमारी रणनीति यह है कि हम बढ़ी हुई लागत का एक बड़ा हिस्सा ग्राहकों पर डालेंगे और कुछ बोझ अपनी कार्यक्षमता बढ़ाकर खुद वहन करेंगे। इससे किसी एक पर अधिक वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।



