Homeउत्तराखंडCrude Oil Price:कच्चे तेल की कीमत में भारी उछाल, क्या देश में...

Crude Oil Price:कच्चे तेल की कीमत में भारी उछाल, क्या देश में महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल? चेक करें रेट?


Business

oi-Ankur Sharma

Crude Oil Price: अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के बीच कच्चे तेल के दाम में आग लग गई है। बीते एक हफ्ते में इसकी कीमतें लगभग 27% बढ़ गई है। ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 92.69 डॉलर डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है। यह अप्रैल 2024 के बाद इसका उच्चतम स्तर भी है।

जिसके बाद में देश में पेट्रोल-डीजल के दाम को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है, लोगों को लग रहा है कि देश में तेल के भाव बढ़ने वाले हैं।

Crude Oil Prices

हालांकि सरकार की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि पेट्रोल-डीजल की प्राइस को लेकर चिंता करने की बात नहीं है। आपको बता दें कि 28 फरवरी को जंग की शुरूआत हुई थी, तब क्रूड ऑयल की कीमत 72.87 डॉलर प्रति बैरल थी।

Crude Oil Price Hindi:20% ग्लोबल सप्लाई पर असर पड़ा

तब से अब तक तेल की कीमत में करीब 20 डॉलर प्रति बैरल का इजाफा हुआ है। मालूम हो कि होर्मुज रूट प्रभावित होने से 20% ग्लोबल सप्लाई पर असर पड़ा है।

ऐसे में आइए जानते हैं आपके शहर में आज पेट्रोल-डीजल का दाम क्या है?

प्रमुख शहरों में 19 मार्च के पेट्रोल-डीजल रेट:

  • दिल्ली: पेट्रोल ₹94.77, डीजल ₹87.67
  • मुंबई: पेट्रोल ₹106.31 (अनुमानित), डीजल ₹94.27
  • चेन्नई: पेट्रोल ₹100.75 (अनुमानित), डीजल ₹92.39
  • कोलकाता: पेट्रोल ₹104.95 (अनुमानित), डीजल ₹92.02
  • लखनऊ: पेट्रोल ₹94.84, डीजल ₹87.66
  • बेंगलुरु: पेट्रोल ₹101.94 (अनुमानित), डीजल ₹91.06
  • हैदराबाद: पेट्रोल ₹107.50, डीजल ₹95.7

खास बात ये है कि पेट्रोल-डीजल के दामों में रोजाना सुबह 6 बजे संशोधन होता है, और राज्य स्तर पर लगने वाले वैट (VAT) के कारण अलग-अलग शहरों में रेट अलग हो सकते हैं।

Crude Oil ka Daam:कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के मुख्य कारण

  • मध्य पूर्व जैसे तेल उत्पादक क्षेत्रों में युद्ध या तनाव (जैसे ईरान, इज़राइल, रूस-यूक्रेन) से सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे कीमतें बढ़ गई है।
  • तेल उत्पादक संगठन OPEC और उसके सहयोगी देश (OPEC+) अक्सर उत्पादन घटा देते हैं, जिससे सप्लाई कम होती है और कीमतें बढ़ जाती हैं।
  • जब दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं (जैसे अमेरिका, चीन, भारत) तेजी से विकास करती हैं, तो तेल की मांग बढ़ जाती है-जिससे दाम बढ़ते हैं।
  • अगर बड़े देशों के पास तेल का भंडार कम हो जाता है, तो बाजार में चिंता बढ़ती है और कीमतें चढ़ जाती हैं।
  • तूफान, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाएं तेल उत्पादन और सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती हैं।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments