Homeउत्तराखंडDelhi eOffice: दिल्ली में बड़ा डिजिटल बदलाव!अब अलग-अलग eOffice प्लेटफॉर्म से चलेगा...

Delhi eOffice: दिल्ली में बड़ा डिजिटल बदलाव!अब अलग-अलग eOffice प्लेटफॉर्म से चलेगा काम, क्या है पूरा सिस्टम


Delhi

pti-Pallavi Kumari

Delhi eOffice News: दिल्ली सरकार प्रशासनिक कामकाज को तेज, सुरक्षित और पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब सरकारी विभागों, यूनिवर्सिटी, लोकल बॉडी और पब्लिक सेक्टर यूनिट्स (PSUs) के लिए अलग-अलग e-Office प्लेटफॉर्म तैयार किए जा रहे हैं। इसका मकसद है सिस्टम को ज्यादा तेज, सुरक्षित और बिना रुकावट के चलाना।

क्या है eOffice और क्यों हो रहा बदलाव?

e-Office एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) ने तैयार किया है। इसके जरिए सरकारी दफ्तरों में फाइल, डॉक्यूमेंट और ऑफिस वर्क ऑनलाइन मैनेज किया जाता है। अभी तक दिल्ली के सभी विभाग एक ही eOffice सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे कई बार सिस्टम स्लो और ओवरलोड हो जाता था।

Delhi e-Office News

इसी समस्या को दूर करने के लिए अब इस सिस्टम को तीन अलग-अलग हिस्सों में बांटा जा रहा है। इससे हर सेक्टर को अपना अलग और सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म मिलेगा।

तीन हिस्सों में बंटेगा eOffice सिस्टम

नई व्यवस्था के तहत eOffice को तीन अलग-अलग प्लेटफॉर्म में विभाजित किया जाएगा। पहला प्लेटफॉर्म सरकारी विभागों के लिए होगा। दूसरा यूनिवर्सिटी और शैक्षणिक संस्थानों के लिए बनाया जा रहा है। तीसरा प्लेटफॉर्म लोकल बॉडी, PSU और ऑटोनॉमस संस्थाओं के लिए होगा।

अधिकारियों के मुताबिक, इससे सिस्टम पर लोड कम होगा और डेटा सिक्योरिटी भी बेहतर होगी। साथ ही यूजर्स को ज्यादा स्मूद और फास्ट एक्सपीरियंस मिलेगा।

कुछ समय के लिए बंद रहेंगी सेवाएं

इस बदलाव के दौरान eOffice सेवाएं कुछ समय के लिए बंद रहेंगी। आईटी विभाग ने सभी विभागों को सलाह दी है कि वे 10 अप्रैल शाम 6 बजे तक अपने जरूरी काम निपटा लें।

इसके बाद सिस्टम में बदलाव की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकारी विभागों के लिए eOffice सेवा 13 अप्रैल से फिर चालू हो जाएगी। वहीं PSU और लोकल बॉडी के लिए नया प्लेटफॉर्म 15 अप्रैल से शुरू होगा और यूनिवर्सिटी व संस्थानों के लिए 17 अप्रैल से लाइव होगा।

क्या होगा इसका फायदा?

इस नए सिस्टम से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सरकारी कामकाज तेज होगा और फाइलों की प्रोसेसिंग में देरी कम होगी। पेपरलेस सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा, जिससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

इसके अलावा डेटा ज्यादा सुरक्षित रहेगा और अलग-अलग विभागों के काम में टकराव या सिस्टम क्रैश जैसी समस्याएं भी कम होंगी। कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार का यह कदम डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments