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Delimitation in India: परिसीमन के बाद राज्‍यों में कितनी बढ़ेगी लोक सभा सीटें? किस States को होगा फायदा?


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oi-Bhavna Pandey

Delimitation in India: केंद्र सरकार 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले महिला आरक्षण को लागू करने के लिए बड़ी तैयारी में जुटी है। इस दिशा में एक अहम प्रस्ताव पर काम हो रहा है, जिसके तहत लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर करीब 816 की जा सकती है। यह बदलाव भारतीय लोकतंत्र में प्रतिनिधित्व के स्वरूप को व्यापक रूप से प्रभावित कर सकता है।

महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी

सरकार की योजना है कि लोकसभा की कुल सीटों में से एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएँ। इसके लिए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में संशोधन लाने की तैयारी चल रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार चाहती है कि यह प्रक्रिया 2029 के चुनाव से पहले पूरी हो जाए।

Delimitation in India

सीटों में करीब 50% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव

प्रस्तावित योजना के तहत लोकसभा सीटों में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। इसके लिए परिसीमन आयोग के माध्यम से नई सीटों का निर्धारण किया जाएगा, जिसमें जनसंख्या अनुपात को संतुलित रखने की कोशिश की जाएगी।

2029 चुनाव से पहले लागू करने का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य है कि सभी कानूनी और प्रक्रियात्मक बाधाओं को पार करते हुए यह व्यवस्था 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले लागू कर दी जाए, ताकि संसद में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके और प्रतिनिधित्व अधिक समावेशी बन सके।

भारत के किन राज्यों को होगा ज्यादा फायदा

सीटों की संख्या बढ़ने से बड़े राज्यों को खासा लाभ मिलने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश: 80 → 120 (+40)
महाराष्ट्र: 48 → 72 (+24)
पश्चिम बंगाल: 42 → 63 (+21)
बिहार: 40 → 60 (+20)

इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में भी सीटों में बड़ी वृद्धि हो सकती है।

Delimitation in India

अन्य बड़े/मध्यम राज्य

मध्य प्रदेश: 29 → 44 (+15)
राजस्थान: 25 → 38 (+13)
गुजरात: 26 → 39 (+13)
मध्यम राज्य
ओडिशा: 21 → 32 (+11)
झारखंड: 14 → 21 (+7)
असम: 14 → 21 (+7)
पंजाब: 14 → 21 (+7)
छत्तीसगढ़: 11 → 17 (+6)
हरियाणा: 10 → 15 (+5)

छोटे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश

दिल्ली: 7 → 11 (+4)
जम्मू-कश्मीर: 5 → 8 (+3)
उत्तराखंड: 5 → 8 (+3)
हिमाचल प्रदेश: 4 → 6 (+2)
गोवा: 2 → 3 (+1)

पूर्वोत्तर राज्य

(अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय, सिक्किम)

2 → 3 (+1 प्रत्येक)

दक्षिण भारत के राज्‍य

तमिलनाडु: 39 → 59 (+20)
कर्नाटक: 28 → 42 (+14)
आंध्र प्रदेश: 25 → 38 (+13)
केरल: 20 → 30 (+10)
तेलंगाना: 17 → 26 (+9)

SC/ST आरक्षण में भी वृद्धि

प्रस्ताव के तहत अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित सीटें 84 से बढ़कर 126 और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 47 से बढ़कर 70 तक की जा सकती हैं। इससे इन वर्गों का प्रतिनिधित्व और मजबूत होगा।

दक्षिणी राज्यों की चिंताओं पर ध्यान

दक्षिण भारत के राज्यों ने पहले जनसंख्या नियंत्रण के कारण सीटों में संभावित असंतुलन को लेकर चिंता जताई थी। हालांकि, सरकार का दावा है कि किसी भी राज्य के प्रतिनिधित्व को कमजोर नहीं किया जाएगा। तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल और तेलंगाना में भी सीटों में वृद्धि प्रस्तावित है।

संवैधानिक संशोधन और राजनीतिक सहमति जरूरी

इस पूरी योजना को लागू करने के लिए संवैधानिक संशोधन आवश्यक होगा। इसके लिए सरकार सभी राजनीतिक दलों, सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों से सहमति बनाने की कोशिश कर रही है।

2011 जनगणना के आधार पर जल्द लागू करने की योजना

मौजूदा कानून के अनुसार महिला आरक्षण 2027 की जनगणना के बाद लागू होना था, लेकिन संभावित देरी को देखते हुए सरकार अब 2011 की जनगणना के आधार पर ही परिसीमन कर महिला आरक्षण को समय से पहले लागू करने पर विचार कर रही है।



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