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Dhurandhar 2 Facts: प्रधानमंत्री से अतीक अहमद तक, ‘धुरंधर 2’ देखने से पहले जान लीजिए ये 5 फैक्ट्स


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oi-Purnima Acharya

Dhurandhar 2 Facts: बॉलीवुड के फेमस एक्टर रणवीर सिंह स्टारर ‘धुरंधर: द रिवेंज’ सिर्फ एक हाई-वोल्टेज स्पाई थ्रिलर नहीं बल्कि ऐसी फिल्म बनकर सामने आई है जो पर्दे के पीछे छिपे कई बड़े सवाल भी खड़े करती है।

सिर्फ एक्शन नहीं, राजनीति की परतें भी खोलती है ‘धुरंधर 2’
इस फिल्म में जहां एक तरफ दमदार एक्शन और ड्रामा है, वहीं दूसरी ओर कहानी में ऐसे कई संकेत और संदर्भ बुने गए हैं, जो रियल लाइफ घटनाओं से मेल खाते नजर आते हैं। यही वजह है कि दर्शकों के बीच अब ये चर्चा तेज हो गई है कि फिल्म में दिखाया गया कितना हिस्सा सच के करीब है और कितना सिर्फ सिनेमाई कल्पना।

Dhurandhar 2

‘धुरंधर 2’ का पॉलिटिकल एंगल: फिल्म में छिपे हैं कई बड़े संकेत

फिल्म ‘धुरंधर 2’ के जरिए कई राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को भी छूने की कोशिश की गई है। फिल्म की कहानी में ऐसे कई संदर्भ देखने को मिलते हैं जो हाल के वर्षों की वास्तविक घटनाओं और फैसलों से जुड़े हुए लगते हैं।

‘धुरंधर 2’ में कितना फैक्ट और कितना फिक्शन?

फिल्म ‘धुरंधर 2’ की कहानी दमदार होने के साथ साथ कई सच्ची घटनाओं पर आधारित भी है। इसमें कुछ ऐसे तथ्य पेश किए गए हैं जो आपको भारत, पाकिस्तान, आईएसआई और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर सोचने के लिए मजबूर कर देंगे। 5 प्वाइंट्स में आपको बताते हैं कि फिल्म ‘धुरंधर 2’ में कितना फैक्ट है और कितना फिक्शन है।

1. फिल्म के किरदार रियल या फेक?

-फिल्म ‘धुरंधर’ के दोनों पार्ट्स को अगर एक पूरी कहानी की तरह देखें तो रणवीर सिंह का किरदार जसकीरत सिंह रांगी उर्फ हमजा अली मजारी फिक्शन है। हालांकि रहमान डकैत पाकिस्तान में एक रियल खूंखार गैंगस्टर हुआ करता था।

-मेजर इकबाल का किरदार भारत के लिए नासूर रहे कई आतंकियों को मिलाकर तैयार किया गया लगता है। उसका लुक पाकिस्तानी आतंकी इलियास कश्मीरी जैसा है लेकिन काम कई अलग-अलग आतंकियों से मिलते हैं।

-जमील जमाली का किरदार पाकिस्तानी पॉलिटीशियन नबील गबोल से प्रेरित लगता है लेकिन ‘धुरंधर 2’ में जमील का जो सीक्रेट रिवील हुआ है, वो रियल लाइफ में सच नहीं है।

-वहीं मिशन धुरंधर की नींव रखने वाले भारतीय ऑफिसर अजय सान्याल का किरदार रियल लाइफ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल पर तैयार किया गया है। ये फैक्ट के बहुत करीब खड़ा फिक्शन है।

2. नोटबंदी से जुड़ा बड़ा कनेक्शन

-फिल्म ‘धुरंधर 2’ में नकली नोटों और आर्थिक साजिश को जिस तरह दिखाया गया है, वह सीधे तौर पर साल 2016 की नोटबंदी की याद दिलाता है। जब नरेंद्र मोदी सरकार ने 500 और 1000 रुपये के नोट बंद किए थे, तब इसका एक बड़ा उद्देश्य काले धन और फर्जी करेंसी पर लगाम लगाना बताया गया था।

-फिल्म इसी मुद्दे को कहानी का अहम हिस्सा बनाकर दिखाती है कि कैसे नकली नोट देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।

धुंधर 2 देखना पड़ेगा ,देखिए कैसे समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद अतीक अहमद पाकिस्तान से कैसे संबंध था

इस सीन को देखने के बाद सपाइयों में खलबली है कुछ तो फिल्म का बायकॉट करने लगे, सपाईयो का बस चले तो अतीक को पदम विभूषण दिलवा के सम्मानित कर दे #Dhurandhar2 pic.twitter.com/u7RVmNsKUJ

— BHEEM BAUDH (@BHEEM_BAUDH) March 19, 2026 “>

3. अपराध और राजनीति का कनेक्शन

-फिल्म में अंडरवर्ल्ड और राजनीति के रिश्ते को भी दिखाने की कोशिश की गई है। कहानी में ऐसे किरदार और घटनाएं हैं, जो दर्शकों को रियल लाइफ के कुछ चर्चित मामलों की याद दिला सकती हैं-जहां अपराध और सत्ता के बीच संबंधों पर सवाल उठते रहे हैं।

-पाकिस्तान में सेट फिल्म के किरदार मेजर इकबाल, जावेद खनानी और बड़े साहब उर्फ दाऊद इब्राहिम ये दोनों फुटेज देखकर रिएक्ट करते दिखते हैं। फिल्म ‘धुरंधर’ में खनानी भाइयों की फैक्ट्री में छपे नकली नोट भारत में पहुंचने का रूट (कराची-नेपाल-भारत के उत्तर प्रदेश)पहले ही बता दिया गया था।

-फिल्म ‘धुरंधर 2’ में यूपी में इन नोटों का लॉन्च पैड एक नेता और गैंगस्टर के अड्डे को दिखाया गया है। मूवी में नेता का नाम आतिफ अहमद है। कद-काठी-आवाज से ये किरदार रियल लाइफ में गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद की याद दिलाता है। ये नेता कराची में बैठे दाऊद इब्राहिम, खनानी ब्रदर्स और मेजर इकबाल से डायरेक्ट कनेक्टेड है।

ये धुरंधर 2 का सीन है जिसमे अतीक अहमद को पाकिस्तान से हथियारों की सप्लाई करते तथा उसकी लाइव हत्या दिखायी गई

यही है यूपी की कानून व्यवस्था की सच्चायी जहाँ सैकड़ों पुलिस की अभिरक्षा में लोगों को मार दिया जाता है

इस प्रोपेगंडा मूवी को न देखे
pic.twitter.com/elBW54nB9a

— Surya Samajwadi (@surya_samajwadi) March 19, 2026 “>

-दाऊद इब्राहिम एक ‘चाय वाले’ से तंग नजर आ रहा है। मेजर इकबाल और उसका बाप एक ‘चाय वाले’ से त्रस्त हैं। आतिफ अहमद झल्लाते हुए कह रहा है- ‘एक चाय वाला घुस आया है हमारे काम में। फिल्म देखने वाले हर दर्शक को पता है कि वो ‘चाय वाला’ कौन है, जिसका खौफ फिल्म पाकिस्तान में बैठे आतंकियों से लेकर भारत में बैठे नेता तक को खाए जा रहा है।

4. भारत-पाकिस्तान एंगल और आर्थिक जंग

‘धुरंधर 2’ में ये भी दिखाया गया है कि कैसे दुश्मन देश भारत की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए नकली करेंसी का इस्तेमाल करते हैं। फिल्म इस पूरे नेटवर्क को एक तरह की इकोनॉमिक वॉरफेयर के रूप में पेश करती है, जहां जंग सिर्फ हथियारों से नहीं बल्कि पैसों के जरिए भी लड़ी जाती है। हालांकि ये एंगल काफी हद तक सिनेमाई है और वास्तविकता इससे कहीं ज्यादा जटिल मानी जाती है।

5. फिल्म या प्रोपेगेंडा? उठ रहे सवाल

‘धुरंधर 2’ को लेकर ये बहस भी तेज हो गई है कि क्या ये सिर्फ एक एंटरटेनमेंट फिल्म है या फिर इसमें एक खास नैरेटिव को मजबूत करने की कोशिश की गई है। फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि मूवीज में अक्सर समाज और राजनीति को एक खास नजरिए से पेश किया जाता है जिससे दर्शकों की सोच भी प्रभावित हो सकती है।

मनोरंजन और राजनीति साथ में चल रहे हैं

‘धुरंधर 2’ एक तरफ जहां एक्शन और थ्रिल से भरपूर फिल्म है, वहीं दूसरी ओर ये दर्शकों को सोचने पर भी मजबूर करती है। नोटबंदी, नकली करेंसी और अंतरराष्ट्रीय साजिश जैसे मुद्दों को जोड़कर फिल्म एक ऐसा मिश्रण पेश करती है,जहां मनोरंजन और राजनीति दोनों साथ चलते हैं। अब ये दर्शकों पर निर्भर करता है कि वो इसे सिर्फ फिल्म मानते हैं या इसके पीछे छिपे मैसेज को भी समझने की कोशिश करते हैं।





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