अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में सोना 0.18% फिसलकर 4,999 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी 1.87% गिरकर 78.43 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
हालांकि भू-राजनीतिक तनाव के चलते सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की मांग में थोड़ी बढ़त देखने को मिली, लेकिन मजबूत होते अमेरिकी डॉलर ने कीमती धातुओं की तेजी पर दबाव बनाए रखा।
सीमित दायरे में कारोबार
आज के कारोबार में सोना और चांदी सीमित दायरे में रहे। निवेशक अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) की आगामी नीति घोषणा पर नजर बनाए हुए हैं। बढ़ती महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ब्याज दरों को लेकर बाजार में असमंजस बना हुआ है।
फेड की नीति पर टिकी नजर
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व आज अपनी बैठक में ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर रख सकता है। निवेशक खास तौर पर ऊर्जा कीमतों में तेजी और श्रम बाजार में नरमी को लेकर फेड के रुख को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
पश्चिम एशिया तनाव का असर
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बीच ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। फारस की खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा ढांचे पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजरानी लगभग ठप होने से वैश्विक सप्लाई प्रभावित हुई है।
महंगाई बढ़ने की आशंका
ऊर्जा आपूर्ति में बाधा और तेल की ऊंची कीमतों ने महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इससे निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो गई है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने-चांदी जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेशों पर दबाव डालती हैं।
सालभर में मजबूत प्रदर्शन
हालिया गिरावट के बावजूद, इस साल सोना करीब 16% तक चढ़ चुका है। भू-राजनीतिक तनाव, केंद्रीय बैंकों की नीतियों को लेकर अनिश्चितता और संभावित स्टैगफ्लेशन (धीमी आर्थिक वृद्धि के साथ उच्च महंगाई) की आशंका लंबे समय में सोने को सहारा दे सकती है।
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