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Gold Silver Price Today: सर्राफा बाजार में दिखी गिरावट; चांदी ₹3800 तक टूटी, सोना ₹1350 सस्ता


Sone Chandi ka Aaj ka Rate: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच तेज हो रहे टकराव के बावजूद सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। आमतौर पर युद्ध या भू-राजनीतिक संकट के समय सोना सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) माना जाता है और इसकी कीमतों में तेजी आती है, लेकिन इस बार बाजार का रुख अलग दिखाई दिया। चांदी की कीमत 3860 रुपये गिरकर 2.65 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 1350 रुपये गिरकर 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का भाव

कॉमेक्स (COMEX) पर सोना लगभग 1.3 प्रतिशत गिरकर करीब 5,090 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी की कीमत में 4 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। विश्लेषकों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई आर्थिक और बाजार से जुड़े कारक काम कर रहे हैं।

क्या है गिरावट के कारण?

सबसे बड़ी वजह हाल के महीनों में सोने की तेज रैली के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) करना है। पिछले कुछ समय में सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई थी, जिसके बाद कई निवेशकों ने अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए बिकवाली शुरू कर दी। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कई निवेशक सोने से निकाले गए पैसे का इस्तेमाल वैश्विक शेयर बाजारों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी कर रहे हैं, क्योंकि युद्ध के कारण इक्विटी बाजारों में भी गिरावट देखने को मिल रही है।

तेल की कीमतों में बड़ी उछाल

इस बीच तेल की कीमतों में तेज उछाल भी सोने पर दबाव बना रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 17 प्रतिशत बढ़कर 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जबकि WTI क्रूड लगभग 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। फारस की खाड़ी में स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बाधित होने की आशंका के कारण तेल बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है, जिससे कीमतों में तेजी आई है। महंगे तेल से वैश्विक महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है, ऐसे में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करने के बजाय उन्हें ऊंचा बनाए रख सकते हैं। ऊंची ब्याज दरों का माहौल सोने के लिए अनुकूल नहीं माना जाता, क्योंकि सोना ब्याज नहीं देता।

इसके अलावा अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव डाल रही है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता के माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे डॉलर इंडेक्स मजबूत हो रहा है। डॉलर मजबूत होने पर सोना अन्य मुद्राओं में खरीदने वाले निवेशकों के लिए महंगा पड़ता है, जिससे इसकी मांग घट जाती है।

साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भी सोने के आकर्षण को कम कर रही है, क्योंकि निवेशकों को ब्याज देने वाले सुरक्षित विकल्प अधिक आकर्षक लगने लगते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में सोने की कीमतों का रुख काफी हद तक पश्चिम एशिया के हालात, तेल की कीमतों, अमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों की दिशा पर निर्भर करेगा।



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