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Haryana Rajya Sabha Election 2026 Results: बीजेपी से संजय भाटिया और कांग्रेस से करमवीर सिंह बौद्ध की हुई जीत


Haryana

oi-Ankur Sharma

Haryana Rajya Sabha Election 2026 Results: राज्यसभा की 11 सीटों के लिए वोटिंग खत्म हो गई है, इस चुनाव में हरियाणा पर सबलोगों की खास नजर रही। 26 सीटों पर पहले ही उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं। इनमें 13 एनडीए को और 13 विपक्ष की सीटें हैं। अभी 37 में से 25 सीटें इंडिया गठबंधन के पास, जबकि 12 NDA के पास हैं।

हरियाणा में 2 सीटों के लिए 3 कैंडिटेड मैदान में थे। यहां पर विधानसभा की कुल 90 सीटें हैं। जीत के लिए 31 वोट जरूरी थे। BJP के 48 विधायक हैं। कांग्रेस के पास 37 और इनेलो के पास दो सीटें हैं, तो वहीं, तीन निर्दलीय विधायक हैं।

Haryana Rajya Sabha Election 2026 Results

दो राज्यसभा सीटों के लिए कड़े मुकाबले वाले चुनाव में दोनों पार्टियों ने अपने उम्‍मीदवरों की जीत का दावा किया है। भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध विजयी हुए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बौद्ध की जीत की पुष्टि की, और इसे लोकतंत्र की जीत और कथित वोट हेरफेर की हार बताया। हुड्डा ने अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर पत्रकारों के साथ जीत का जश्न मनाया।

हरियाणा के मंत्री गौरव गौतम ने भी भाटिया की चुनावों में सफलता की घोषणा की। इस मुकाबले में भाजपा के भाटिया, कांग्रेस के बौद्ध और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नंदांल शामिल थे। याद रहे भाजपा ने नंदांल का समर्थन किया था, जो पहले 2019 के विधानसभा चुनावों में उनके बैनर तले असफल रहे थे।

क्‍यों अटका चुनाव परिणाम?

वोटों की गोपनीयता के उल्लंघन की दोनों पक्षों की शिकायतों के कारण मतों की गिनती की प्रक्रिया में देरी हुई। शुरू में शाम 5 बजे शुरू होने वाली गिनती को पाँच घंटे से अधिक विलंबित कर दिया गया। मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने बताया कि भाजपा ने दो कांग्रेस विधायकों, ऐलनाबाद से भारत सिंह बेनीवाल और टोहाना से परमिंदर सिंह के खिलाफ, मतपत्रों कोFolding (मोड़ने) की आवश्यक प्रक्रिया का पालन न करने के लिए चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।

INLD ने चुनाव में भाग नहीं लिया है, इस बार मे बात करते हुए INLD विधायक अर्जुन सिंह चौटाला ने कहा किहमारे 90 विधानसभा क्षेत्रों में सभी संगठन के साथियों, लोगों से राय ली गई थी और सबने मिलकर यह फैसला किया कि इस बार हम इस चुनाव में भाग नहीं लेंगे। एक-एक विधायक को लेकर जाना, उनके फोन रखना, उन्हें शिमला ले जाना यह दिखाता है कि उन्हें(कांग्रेस) अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है। ओडिशा में क्रॉस वोटिंग हुई है, हरियाणा में भी यह निकलेगा, इस(कांग्रेस) संगठन को ऐसे लोग चला रहे हैं जो खुद भाजपा को समर्थन देने का काम करते हैं…”



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