पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में होर्मूज जलडमरूमध्य पर आवागमन बाधित होने के कारण 20 भारतीय ध्वज वाले जहाज वहां मौजूद हैं। इन जहाजों पर कुल 540 भारतीय नाविक सवार हैं। सरकार ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय इन सभी जहाजों और नाविकों की सक्रियता से निगरानी कर रहा है। मंत्रालय के अनुसार क्षेत्र में भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय भी किए हैं।
मंत्रालय ने साफ किया है कि क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले किसी भी जहाज से जुड़ी कोई घटना दर्ज नहीं हुई है। महानिदेशालय शिपिंग, जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय मिशनों के समन्वय से इनकी सक्रिय निगरानी की जा रही है। महानिदेशालय शिपिंग ने अब तक 938 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी में सहायता की है।
इनमें से 25 नाविकों को पिछले 24 घंटों में वापस लाया गया है। भारत भर में बंदरगाहों का संचालन सामान्य बना हुआ है। किसी भी बंदरगाह पर कोई भीड़भाड़ दर्ज नहीं की गई है। गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के राज्य समुद्री बोर्डों ने अपने यहां सुचारु कामकाज की पुष्टि की है।
भारतीय नाविकों का कल्याण और वापसी
मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री हितधारकों के साथ समन्वय जारी है। इसका मुख्य उद्देश्य नाविकों का कल्याण सुनिश्चित करना और समुद्री संचालन को निर्बाध बनाए रखना है। 28 फरवरी से अब तक युद्ध प्रभावित क्षेत्र से करीब चार लाख संतानवे हजार यात्री भारत लौट चुके हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय मिशन और पोस्ट भारतीय समुदाय के संपर्क में हैं। वे उनकी सुरक्षा और भलाई के लिए आवश्यक सलाह जारी करने के साथ-साथ सहायता भी प्रदान कर रहे हैं। भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
खाड़ी क्षेत्र में घटनाक्रम की निगरानी
सरकार खाड़ी और पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रही है। यह निगरानी क्षेत्र में किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए महत्वपूर्ण है। भारतीय मिशनों को भी इस संबंध में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उनका कार्य स्थानीय भारतीय समुदाय को हर संभव मदद पहुंचाना है। सुरक्षा संबंधी किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और नौसेना की तैनाती
28 मार्च को भारत के लिए पेट्रोलियम उत्पाद ले जाने वाले दो और व्यापारी जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे थे। भू-राजनीतिक तनाव के कारण इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से आवाजाही बाधित हो रही है। भारतीय नौसेना के युद्धपोतों को सहायता प्रदान करने के लिए प्रमुख बंदरगाहों के पास तैनात किया गया है। यह तैनाती समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई है। आने वाले दिनों में जलडमरूमध्य से और अधिक जहाजों के पहुंचने की उम्मीद है। भारतीय नौसेना क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।



